ग़ाज़ीपुर

दहेज हत्या के मामले में दो को 10-10 वर्ष का सश्रम कारावास की सज़ा

गाजीपुर, 16 जून 2026 – पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन कन्विक्शन” के तहत गाजीपुर पुलिस और अभियोजन को बड़ी कामयाबी मिली है। मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के चलते दहेज हत्या के मामले में माननीय न्यायालय ने दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए कठोर सजा सुनाई है। क्या है पूरा मामला:थाना नोनहरा में पंजीकृत मु0अ0सं0 129/2023 धारा 498A, 304B भादवि व 3/4 डीपी एक्ट से जुड़े इस मामले में 16 जून 2026 को कोर्ट ने फैसला सुनाया। दोषी करार दिए गए अभियुक्त मुस्ताक उर्फ मउर खाँ और इस्तियाक उर्फ इस्तेयाक खाँ दोनों निवासी ग्राम नोनहरा, थाना नोनहरा, गाजीपुर के रहने वाले हैं। कोर्ट ने सुनाई तीन धाराओं में सज़ा:माननीय न्यायालय ने दोनों दोषियों को अलग-अलग धाराओं में सजा सुनाई:1-धारा 304B/34 भादवि दहेज हत्या: प्रत्येक को 10-10 वर्ष का सश्रम कारावास। 2- धारा 498A भादवि क्रूरता: 02-02 वर्ष का सश्रम कारावास तथा 5000-5000 रुपये अर्थदंड। जुर्माना न देने पर 03-03 माह का अतिरिक्त कारावास। 3- धारा 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम: 01-01 वर्ष का सश्रम कारावास व 5000-5000 रुपये अर्थदंड। जुर्माना न देने पर 03-03 माह का अतिरिक्त कारावास। आपरेशन कनविक्शन का असर: डीजीपी मुख्यालय के निर्देश पर चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत गाजीपुर पुलिस गंभीर अपराधों में त्वरित विवेचना कर मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन के माध्यम से कोर्ट में मजबूत पैरवी कर रही है। इसी का नतीजा है कि दहेज हत्या जैसे जघन्य अपराध में आरोपियों को जल्द सजा मिली।पुलिस अधीक्षक ने मॉनिटरिंग सेल, विवेचक और अभियोजन अधिकारी की टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम हो रहा है। त्वरित न्याय से पीड़ित परिवार को राहत मिली है और समाज में कड़ा संदेश गया है।