कमलेश बिन्द एन्काउन्टर मामले में राज्य मानवाधिकार आयोग ने डीएम से तलब किया रिपोर्ट

गाजीपुर, 16 जून 2026 – जिले में 3 जून को हुए कमलेश चौधरी के कथित पुलिस एनकाउंटर पर यूपी मानवाधिकार आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला से पूरे मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट 17 अगस्त तक तलब की है। साथ ही 18 अगस्त को अगली सुनवाई की तिथि भी तय कर दी है।इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता डॉ. गजेन्द्र सिंह यादव ने आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप है कि कमलेश चौधरी की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। अधिवक्ता ने मामले की स्वतंत्र, निष्पक्ष और प्रभावी जांच की मांग की थी। मानवाधिकारों के संभावित उल्लंघन का भी आरोप लगाया गया है।सुनवाई के बाद आयोग ने आदेश में कहा कि आरोपों की प्रकृति को देखते हुए डीएम से रिपोर्ट लेना उचित होगा। डीएम को निर्देश दिया गया है कि शिकायत में वर्णित तथ्यों की आवश्यक जांच कराएं। जांच प्रक्रिया में शिकायतकर्ता को भी शामिल करना होगा और रिपोर्ट 17 अगस्त 2026 तक आयोग को भेजनी होगी। क्या था मामला:बता दें कि 29 मई की रात होटल कारोबारी अलोक उर्फ डब्लू राय के बेटे विनीत राय उर्फ हनी राय की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने कमलेश चौधरी समेत शंकर पांडेय, आलोक दूबे व एक अन्य के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया था। 3 जून को कथित पुलिस मुठभेड़ में कमलेश चौधरी की मौत हो गई। इस केस के अन्य आरोपी अभी फरार हैं।आयोग द्वारा संज्ञान लिए जाने का शिकायतकर्ता अधिवक्ता ने स्वागत किया। उन्होंने कहा कि किसी भी पुलिस मुठभेड़ में हुई मृत्यु की निष्पक्ष जांच विधि के शासन, मानवाधिकारों की रक्षा और जनता के विश्वास के लिए जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जांच से घटना के सभी तथ्य सामने आएंगे।(सभार-डीएनए)








