सुसाइड नोट में आत्महत्या के लिए बिजली विभाग को ठहराया जिम्मेदार

सैदपुर, गाजीपुर, 15 जून 2026 – सैदपुर कस्बे में बिजली विभाग की वसूली और भारी भरकम बकाया बिल से परेशान एक पान दुकानदार ने जहर खाकर जान दे दी। मृतक के घर से मिले सुसाइड नोट में उसने अपनी मौत के लिए बिजली विभाग को जिम्मेदार ठहराया है। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया।सैदपुर नगर निवासी सुरेंद्र कश्यप (55) सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने पान की गुमटी चलाकर परिवार पालते थे। आर्थिक तंगी के चलते उन पर बिजली विभाग का करीब 1.12 लाख रुपये बकाया हो गया था। परिजनों के मुताबिक, सितंबर 2025 में बिजली विजिलेंस टीम की कार्रवाई के बाद नोटिस मिला था।मृतक की पत्नी ज्ञानती देवी ने बताया कि परिवार उधार लेकर बिल की किस्तें जमा कर रहा था, लेकिन पूरी रकम नहीं भर पाए। मामला राजस्व वसूली अमीन तक पहुंचने के बाद भुगतान का दबाव बढ़ गया। इसी तनाव में सोमवार सुबह सुरेंद्र ने घर में सल्फास खा लिया। CHC ले जाने पर इलाज के दौरान मौत हो गई। सुसाइड नोट में विभाग पर लगाया आरोप:कस्बा चौकी प्रभारी मनोज पांडेय और थाना प्रभारी अनिल कुमार सिंह ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। घर से मिले सुसाइड नोट में लिखा है कि वह बिजली विभाग की कार्रवाई और आर्थिक दबाव से परेशान होकर यह कदम उठा रहे हैं। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।मृतक अपने पीछे पत्नी, दो बेटों और दो बेटियों को छोड़ गए हैं। बड़ी बेटी रोजगार की तलाश में दिल्ली में है, जबकि छोटी बेटी बीएससी की छात्रा है। दोनों बेटियों की शादी अभी बाकी है।विद्युत वितरण खंड तृतीय के अधिशासी अभियंता ई. सुधाकर ने कहा कि उपभोक्ता पर बिल बकाया था और नियमानुसार वसूली के लिए आरसी जारी कर राजस्व विभाग को भेजी गई थी। थाना प्रभारी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि सुसाइड नोट, परिजनों के बयान और विभागीय अभिलेखों के आधार पर जांच की जा रही है।








