गांव सभा की जमीन पर कब्जे को लेकर प्रशासन की बड़ी कार्यवाही

कठवामोड़/गाजीपुर। तहसील मुहम्मदाबाद प्रशासन ने गांव सभा की सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर कथित अवैध कब्जों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए छह मामलों में बेदखली के आदेश जारी किए हैं। तहसीलदार महेन्द्र बहादुर ने धारा-67 उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता-2006 के तहत सुनवाई के बाद संबंधित व्यक्तियों को कब्जा हटाने तथा क्षतिपूर्ति वसूली के निर्देश दिए हैं।सबसे चर्चित मामला मौजा लखमीपुर की सार्वजनिक गड़ही (आराजी संख्या-223) से जुड़ा है, जहां कथित अतिक्रमण के मामले में स्थानीय शिक्षण संस्थान चिन्मय भारत एकेडमी के संचालक दिनेश राय तथा जगरनाथ राय के विरुद्ध बेदखली का आदेश पारित किया गया है। आदेश में दोनों से ₹32,500-₹32,500 क्षतिपूर्ति भू-राजस्व की भांति वसूलने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन के अनुसार सार्वजनिक भूमि पर पक्का निर्माण एवं सहन बनाकर कब्जा किए जाने के आरोप पाए गए।इसी प्रकार आराजी संख्या-269 (गड़ही) के मामले में श्यामवंश तिवारी को बेदखल करते हुए ₹1,875 की क्षतिपूर्ति वसूली के आदेश दिए गए हैं। वहीं आराजी संख्या-313, जो राजस्व अभिलेखों में नाली-नलकूप के रूप में दर्ज है, पर सागौन के पेड़ लगाकर कब्जा करने के आरोप में संजय तिवारी एवं सुमन्त तिवारी के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई है।तहसीलदार ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा है कि गड़ही, नाली तथा अन्य सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर निजी स्वत्व स्वीकार नहीं किया जा सकता और ग्राम सभा की भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराया जाना आवश्यक है।जिस गड़ही के विवाद में बहा था खून,उसी पर प्रशासन ने की बड़ी कार्यवाही:ज्ञात हो कि लखमीपुर की यही सार्वजनिक गड़ही पिछले दिनों पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी थी। सीमांकन के महज 24 घंटे बाद गांव में हिंसक संघर्ष हो गया था, जिसमें कई लोग घायल हुए थे तथा एक महिला गंभीर रूप से घायल बताई गई थी।घटना से एक दिन पहले तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने विवादित भूमि का सीमांकन किया था। इसके अगले ही दिन विवाद हिंसक रूप ले बैठा। एक पक्ष की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में कई लोगों को नामजद किया गया था।पीड़ित पक्ष के शुभम राय लगातार सार्वजनिक गड़ही से कथित अतिक्रमण हटाने की मांग कर रहे थे। बेदखली आदेश के बाद क्षेत्र में यह चर्चा है कि लंबे समय से चले आ रहे इस विवाद के समाधान की दिशा में प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। इससे पीड़ित पक्ष को न्याय मिलने की उम्मीद भी जगी है। अब निगाहें कार्रवाई पर,कब हटेगा कब्जा, चलेगा बुल्डोजर:बेदखली आदेश जारी होने के बाद अब ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। बड़ा सवाल यह है कि कब्जा हटाने की कार्रवाई कब तक पूरी होगी और क्या इससे वर्षों पुराना गड़ही विवाद स्थायी रूप से समाप्त हो पाएगा।क्षेत्र में चर्चा है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई हुई होती तो शायद विवाद हिंसक संघर्ष तक नहीं पहुंचता। अब देखना यह होगा कि प्रशासन बेदखली आदेशों का पालन कितनी तेजी से सुनिश्चित करता है








