STF का बड़ा एक्शन,नकल कराने वाला गैंग बेनकाब:13 गिरफ्तार

वाराणसी, 13 जुलाई 2026 – उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की सहायक बोरिंग टेक्नीशियन मुख्य परीक्षा में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए नकल कराने वाले एक संगठित गिरोह का स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बड़ा खुलासा किया है।कार्रवाई के दौरान 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि गैंग के दो प्रमुख सदस्य मौके से फरार हो गए। उनकी तलाश जारी है। कैसे चलता था नक़ल का नेटवर्क:STF के अनुसार, गिरोह अभ्यर्थियों से 4 से 5 लाख रुपये तक लेकर माइक्रो इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के माध्यम से परीक्षा में नकल कराने का नेटवर्क चला रहा था।गिरोह का संचालन प्रयागराज से किया जा रहा था। वाराणसी में एंग्लो इंडियन मुस्लिम इंटर कॉलेज, लल्लापुरा और हरिश्चंद्र बालिका इंटर कॉलेज, मैदागिनी परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को डिवाइस लगाकर परीक्षा दिलाई जा रही थी। बरामदगी:11 मोबाइल फोन, 4 माइक्रो इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, 2 प्रिंटर, 2 प्रवेश पत्र, 2 प्रश्नपत्र, 2 OMR शीट। गैंग का सरगना और तरीका:जांच में सामने आया कि गिरोह का सरगना शिवजीत पटेल अपने भाई कप्तान सिंह पटेल और अन्य साथियों के साथ मिलकर अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देता था।परीक्षा शुरू होने के बाद प्रश्नपत्र सॉल्वरों तक पहुंचाया जाता और माइक्रो डिवाइस के जरिए उत्तर अभ्यर्थियों को बताए जाते थे। सॉल्वरों को इसके बदले 20-20 हजार रुपये दिए जाते थे।पूछताछ में गिरफ्तार अभ्यर्थियों ने स्वीकार किया कि परीक्षा पास कराने के लिए उन्होंने लाखों रुपये गिरोह को दिए थे। एक अभ्यर्थी ने 5 लाख रुपये, जबकि दूसरे ने 5 लाख रुपये (3.75 लाख ऑनलाइन और 1.25 लाख नकद) देने की बात कबूल की। दो सरगना फरार, मुकदमा दर्ज:STF ने बताया कि कार्रवाई के दौरान गिरोह के सरगना शिवजीत पटेल और राजेन्द्र यादव उर्फ धीरेन्द्र यादव फरार हो गए। दोनों की तलाश की जा रही है।गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ सिगरा और कोतवाली थानों में उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।








