ग़ाज़ीपुर

पोखरी की जमीन हुई कब्जामुक्त, प्रधान पर बंजर भूमि कब्जाने का आरोप

भांवरकोल/गाजीपुर, 12 जुलाई 2026 – भांवरकोल विकासखंड के जसदेवपुर ग्राम सभा में रविवार को प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी पोखरी की भूमि को कब्जामुक्त करा दिया। माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी चलाकर अवैध निर्माण ध्वस्त कर दिया।इस कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया और सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वालों में खलबली मच गई।जानकारी के अनुसार, ग्राम सभा की सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। मामले में स्थानीय निवासी अजय कुमार राय ने तहसील न्यायालय से लेकर उच्च न्यायालय तक कानूनी लड़ाई लड़ी।न्यायालय के आदेश के बाद प्रशासन ने आराजी संख्या 157 पर कार्रवाई करते हुए पोखरी की भूमि से अतिक्रमण हटाया।कार्रवाई के दौरान तहसीलदार महेंद्र बहादुर सिंह, लेखपाल रविभूषण सिंह समेत राजस्व विभाग की टीम मौके पर मौजूद रही। वहीं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भांवरकोल, मुहम्मदाबाद और करीमुद्दीनपुर थानों की भारी पुलिस फोर्स तैनात रही।प्रशासन के अनुसार, आराजी संख्या 157 पर किए गए अवैध निर्माण और घेराबंदी को हटाया गया। इस कार्रवाई में मुन्ना यादव तथा सुरेंद्र पांडेय द्वारा किए गए अतिक्रमण को भी हटाया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी तालाब, बंजर और ग्राम समाज की भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब बंजर भूमि पर कब्जा के आरोप ने पकड़ा तूल :पोखरी की जमीन से अतिक्रमण हटने के बाद अब ग्राम सभा की आराजी संख्या 156 को लेकर नया विवाद सामने आ गया है। ग्रामीणों और शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि यह भूमि सरकारी अभिलेखों में बंजर दर्ज है, जिस पर वर्तमान ग्राम प्रधान द्वारा अवैध कब्जा कर पक्का निर्माण कराया गया है।शिकायतकर्ताओं का दावा है कि लगभग दो बीघा सरकारी बंजर भूमि पर दो पक्के मकान बनाए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पोखरी की भूमि को कब्जामुक्त कराया गया है तो इसी तरह बंजर भूमि की भी निष्पक्ष जांच कराकर उसे ग्राम समाज के खाते में वापस लिया जाना चाहिए। प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग:ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी भूमि की सुरक्षा करना जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है। ऐसे में यदि किसी भी सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि आराजी संख्या 156 की पैमाइश कराकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए और यदि अवैध कब्जा पाया जाए तो उसे भी हटाया जाए।फिलहाल प्रशासन की ओर से पोखरी की भूमि पर कार्रवाई पूरी कर दी गई है, जबकि बंजर भूमि से जुड़े आरोपों की जांच की मांग तेज हो गई है। इस संबंध में आधिकारिक जांच के बाद ही आरोपों की पुष्टि या खंडन हो सकेगा।