ग़ाज़ीपुर

गो-सेवा आयोग के अध्यक्ष ने की समीक्षा बैठक,जनपद में लगेंगे 1000 नए बायोगैस संयंत्र

गाजीपुर, 08 जुलाई 2026 – उत्तर प्रदेश गो-सेवा आयोग, लखनऊ के माननीय अध्यक्ष श्री श्याम बिहारी गुप्ता की अध्यक्षता में बुधवार को विकास भवन सभागार में गोवंश संरक्षण एवं अनुश्रवण संबंधी समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के गोआश्रय स्थलों के संचालन, गोवंशों के संरक्षण, पोषण एवं प्रबंधन की विस्तार से समीक्षा की गई।अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि जनपद के सभी गोआश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंशों का वैज्ञानिक आधार पर वर्गीकरण किया जाए। बड़े-छोटे तथा नर-मादा गोवंशों को अलग-अलग रखा जाए, ताकि रख-रखाव, स्वास्थ्य परीक्षण एवं देखभाल में सुविधा हो।सभी गोआश्रय स्थलों पर हरे चारे की स्थायी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सहजन एवं नेपियर घास का व्यापक रोपण कराने के निर्देश भी दिए गए।मा0 अध्यक्ष ने बताया कि जनपद गाजीपुर में 1000 नए बायोगैस संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। इससे गोबर का वैज्ञानिक प्रबंधन होगा, स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन बढ़ेगा, जैविक खेती को प्रोत्साहन मिलेगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आय एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने वृहद गोसंरक्षण केंद्र करीमुद्दीनपुर में बंद पड़े बायोगैस संयंत्र को शीघ्र चालू कराने के भी निर्देश दिए।सदस्य रमाकान्त उपाध्याय ने कहा कि सभी गोवंशों को मानकों के अनुसार पर्याप्त मात्रा में भूसा, हरा चारा एवं पशु आहार उपलब्ध कराया जाए। नाद एवं चरनी की नियमित साफ-सफाई, समय-समय पर कृमिनाशक दवा देने तथा बड़े गोआश्रय स्थलों पर काऊ लिफ्टर मशीन की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया।बैठक के बाद मा0 अध्यक्ष एवं मा0 सदस्य ने गौ-आश्रय स्थल आरटीआई गोराबाजार, गौ-आश्रय बिरनो एवं गोपाल गोशाला रौजा का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गोवंशों को अपने हाथों से हरा चारा खिलाया गया और विशेष साफ-सफाई रखने के निर्देश दिए।बैठक में उप निदेशक कृषि विजय कुमार, उपायुक्त मनरेगा विजय यादव, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अरविन्द कुमार शाही, नोडल अधिकारी डॉ. राकेश कुमार गौतम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, नन्दिनी योजना के लाभार्थी, किसान बन्धु एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल एवं पूर्व अध्यक्ष विनोद अग्रवाल भी मौजूद रहे।