ग़ाज़ीपुर

सूखे की आशंका के बीच डीएम ने शुरू किया विशेष केसीसी -फसल बीमा अभियान

गाजीपुर, 03 जुलाई 2026 – मानसूनी बारिश में विलंब तथा आसन्न सूखे के दृष्टिगत जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने 3 जुलाई 2026 से 23 जुलाई 2026 तक विशेष केसीसी एवं फसल बीमा अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं। यह अभियान कृषि, सहकारिता, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, बीमा कंपनी, सभी बैंक, जन सुविधा केंद्र, ग्राम विकास, पंचायती राज एवं राजस्व विभाग द्वारा समेकित रूप से चलाया जाएगा।डीएम ने बाढ़ से प्रभावित 166 ग्राम पंचायतों में विशेष रूप से मुनादी और ग्राम चौपाल आयोजित कर इन गांवों के शत-प्रतिशत किसानों के केसीसी कार्ड बनवाने एवं उन्हें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।ग्राम पंचायत स्तर पर पंचायत सचिव अथवा पंचायत सहायक, विकासखंड स्तर पर विकास खंड अधिकारी तथा जनपद स्तर पर जिला कृषि अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। बैंकों के साथ समन्वय का दायित्व अग्रणी बैंक प्रबंधक का होगा। ग्राम पंचायत स्तर पर पंचायत सहायक, लेखपाल, जन सुविधा केंद्र संचालक, बीमा कंपनी के प्रतिनिधि, स्थानीय बैंक मैनेजर, बैंक मित्र, कृषि, सहकारिता, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य विभाग के कर्मचारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर किसानों की मदद करेंगे।जनपद में 5 लाख से अधिक किसानों ने अपनी फार्मर रजिस्ट्री बनवाई है, लेकिन किसान क्रेडिट कार्ड से लाभान्वित कृषकों की संख्या मात्र 1,74,000 ही है। इनमें से भी विगत वर्ष खरीफ में 47,000 और रबी मौसम में 42,000 किसान क्रेडिट कार्ड धारकों का ही बीमा संभव हो पाया था। इसके पूर्व के वर्षों में मात्र 5 से 6 हजार केसीसी कार्ड धारक किसानों का ही फसल बीमा हो पाता था।डीएम ने बताया कि विगत वर्ष जिला प्रशासन द्वारा चलाए गए अभियान का सकारात्मक परिणाम निकला और बड़ी संख्या में किसान फसल बीमा योजना से जुड़े। जिसके कारण ₹4.15 करोड़ से अधिक की क्षतिपूर्ति फसल बीमा के माध्यम से 6102 किसानों को प्राप्त हो सकी।जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने किसानों से अपील की है कि किसान भाई मात्र 4 फीसदी ब्याज पर आसानी से किसान क्रेडिट कार्ड बनवा सकते हैं। ₹1,60,000 तक के केसीसी कार्ड पर किसी भी प्रकार का कोई बंधक रखने की आवश्यकता नहीं होती है। केसीसी कार्ड बनवाने से किसान स्वतः ही फसल बीमा योजना से जुड़ जाते हैं और नाम मात्र के प्रीमियम पर उनको प्रतिकूल मौसम के प्रति एक वित्तीय सुरक्षा कवच प्राप्त होता है। उन्होंने बैंकों, बीमा कंपनी और संबंधित विभागों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में शत-प्रतिशत और संपूर्ण जनपद में सभी इच्छुक एवं पात्र कृषकों का किसान क्रेडिट कार्ड बनवाते हुए उनकी फसल बीमा में भागीदारी सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।