सांख्यिकी दिवस पर याद किए गए पद्म विभूषण प्रो. महालनोविस

गाजीपुर, 29 जून 2026 (सू.वि.) – महान सांख्यिकीविद् प्रो. प्रशांत चंद्र महालनोबिस की जयंती के अवसर पर रविवार को अर्थ एवं संख्या विभाग, गाजीपुर द्वारा सांख्यिकी दिवस का आयोजन किया गया। इस वर्ष का थीम “UNLOCKING THE POTENTIAL OF ADMINISTRATIVE DATA” रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी ने की।अर्थ एवं संख्याधिकारी ने बताया कि प्रो. महालनोबिस का जन्म 29 जून 1893 को कलकत्ता में हुआ था और 28 जून 1972 को उनका निधन हो गया। उन्होंने बताया कि सांख्यिकी दिवस महान सांख्यिकीविद् प्रो. महालनोबिस की स्मृति में हर साल 29 जून को मनाया जाता है। प्रो. महालनोबिस ने सन् 1944 में लंदन में प्रतिष्ठित वेल्डन मेमोरियल प्राइज प्राप्त किया था। भारत सरकार ने सांख्यिकी के क्षेत्र में उनके अप्रतिम योगदान को देखते हुए सन् 1968 में उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया।उन्होंने कहा कि भारतीय सांख्यिकीय सेवा में प्रो. महालनोबिस का योगदान अत्यधिक रहा है। भारत सरकार ने उन्हें कैबिनेट के स्टैटिस्टिकल एडवाइजर के रूप में नियुक्त किया था। उन्होंने देश में सांख्यिकीय डेटा संग्रह और विश्लेषण की मजबूत नींव रखी।इस वर्ष की थीम “UNLOCKING THE POTENTIAL OF ADMINISTRATIVE DATA” पर विस्तृत चर्चा करते हुए संख्याधिकारी ने कहा कि विभिन्न विभागों में सांख्यिकीय आंकड़े एकत्र करने के लिए सांख्यिकीय सेल के अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए जाते हैं। प्रशासनिक डेटा का सही उपयोग कर योजनाओं को और बेहतर बनाया जा सकता है। सांख्यिकी का क्षेत्र बहुत व्यापक है और आज हर क्षेत्र में इसका प्रयोग हो रहा है।उन्होंने बताया कि सांख्यिकी दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य सामाजिक-आर्थिक नियोजन और नीति निर्धारण में सांख्यिकी की भूमिका के बारे में जनता में विशेष जागरूकता लाना और उन्हें प्रेरित करना है। सही डेटा के बिना कोई भी नीति सफल नहीं हो सकती।इस अवसर पर अर्थ एवं संख्या विभाग के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में प्रो. महालनोबिस के योगदान को याद करते हुए सांख्यिकी के महत्व पर जोर दिया गया।








