सड़क हादसे में घायल होमगार्ड की इलाज के दौरान मौत

मरदह, गाजीपुर – मरदह थाने में तैनात होमगार्ड सुभाष सिंह की सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। थाने में भी शोक की लहर दौड़ गई। सहकर्मियों और अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर श्रद्धांजलि दी।महिपालपुर गांव निवासी 45 वर्षीय सुभाष सिंह मरदह थाने में बतौर होमगार्ड तैनात थे। मंगलवार शाम वह ड्यूटी खत्म कर बाइक से गाजीपुर की ओर से अपने घर महिपालपुर लौट रहे थे। इसी दौरान मरदह उपकेंद्र के पास तेज रफ्तार टोटो ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि सुभाष सिंह सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। सिर और शरीर में कई जगह गंभीर चोटें आई थीं।हादसे के बाद स्थानीय लोगों और पुलिस ने घायल होमगार्ड को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। हालत नाजुक देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें वाराणसी स्थित ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। बुधवार सुबह से ही उनकी हालत बिगड़ती चली गई। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद बुधवार देर शाम उन्होंने दम तोड़ दिया। मौत की सूचना मिलते ही परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।सुभाष सिंह अपने पीछे पत्नी सोनी देवी, दो पुत्रियां नेहा और मानसी तथा एक पुत्र दीपांशु को छोड़ गए हैं। पिता की मौत की खबर सुनते ही तीनों बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। पत्नी सोनी देवी बार-बार बेसुध हो जा रही हैं। गांव में भी मातम का माहौल है। ग्रामीणों के अनुसार सुभाष सिंह बेहद मिलनसार और कर्तव्यनिष्ठ थे। परिवार का वही एकमात्र सहारा थे।होमगार्ड की मौत की सूचना मिलते ही मरदह थाने में शोक की लहर दौड़ गई। थानाध्यक्ष समेत सभी पुलिसकर्मी और होमगार्ड के साथी स्तब्ध रह गए। थाने से अधिकारी व सहकर्मी वाराणसी ट्रॉमा सेंटर और उनके पैतृक गांव महिपालपुर पहुंचे। सभी ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया। थानाध्यक्ष ने कहा कि सुभाष सिंह एक अनुशासित और ईमानदार कर्मचारी थे। उनकी कमी हमेशा खलेगी। विभाग नियमानुसार हर संभव मदद करेगा।टोटो चालक की तलाश जारी:हादसे के बाद टोटो चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया था। पुलिस ने अज्ञात टोटो चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। महिपालपुर गांव में गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण, पुलिसकर्मी और होमगार्ड के साथी शामिल हुए।








