ग़ाज़ीपुर

अतिक्रमण हटाने गईं राजस्व टीम से अभद्रता, SC-ST एक्ट में फंसाने की धमकी

मुहम्मदाबाद, गाजीपुर – उपजिलाधिकारी डॉ. हर्षिता तिवारी के निर्देश पर तिवारीपुर गांव में नवीन परती भूमि से अतिक्रमण हटाने पहुंची राजस्व टीम के साथ गाली-गलौज और धमकी देने का मामला सामने आया है। आरोप है कि विरोध कर रहे लोगों ने टीम को एससी-एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी दी और सरकारी काम में बाधा डाली। क्षेत्रीय लेखपाल की तहरीर पर पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।क्षेत्रीय लेखपाल दीपक चौहान के अनुसार, तिवारीपुर निवासी श्यामनरायन राम ने उच्च अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की थी कि मौजा तिवारीपुर की आराजी संख्या-01, रकबा 0.0740 हेक्टेयर नवीन परती भूमि पर अवैध कब्जा किया गया है। शिकायत की जांच के लिए बुधवार को नायब तहसीलदार विपिन कुमार चौरसिया के नेतृत्व में राजस्व टीम मौके पर पहुंची थी।आरोप है कि जांच और सीमांकन के दौरान बलुआ टप्पा कठउत, हरिहरपुर निवासी प्रवीण पुत्र रामचंद्र राम, दीपक पुत्र रविंद्र राम तथा जीतू पुत्र पतिराम ने सरकारी कार्य का विरोध शुरू कर दिया। तीनों ने राजस्व टीम के साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया। लेखपाल ने तहरीर में बताया कि आरोपियों ने मारपीट की धमकी दी और खुद को अनुसूचित जाति का बताते हुए टीम को एससी/एसटी एक्ट के मुकदमे में फंसाने की बात कही।तहरीर के मुताबिक, आरोपियों ने सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी भी दी। स्थिति तनावपूर्ण होते देख नायब तहसीलदार विपिन कुमार चौरसिया ने तत्काल पुलिस बल बुलाया।पुलिस के पहुंचने के बाद राजस्व टीम ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी की। कोतवाल वीरेंद्र प्रताप त्रिपाठी ने बताया कि क्षेत्रीय लेखपाल दीपक चौहान की तहरीर के आधार पर तीनों नामजद आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।एसडीएम डॉ. हर्षिता तिवारी ने कहा कि सरकारी जमीन से अवैध कब्जे हर हाल में हटाए जाएंगे। सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।