शराब की दुकान के विरोध में महिलाओं का दिखा रौद्र रूप

नगसर -गाजीपुर । स्थानीय थाना क्षेत्र के नूरपुर गांव में सोमवार को ग्रामीणों ने एक देशी शराब की दुकान के विरोध में प्रदर्शन किया। यह दुकान एक विद्यालय के पास खोली गई थी। बड़ी संख्या में महिला और पुरुष लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंचे और दुकान को तत्काल हटाने की मांग की।प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि विद्यालय और घनी आबादी के बीच शराब की दुकान का संचालन बच्चों के भविष्य और सामाजिक वातावरण के लिए हानिकारक है। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन हरकत में आया। भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। उनका कहना था कि विद्यालय के ठीक समीप और गांव की घनी आबादी के बीच शराब की दुकान का आवंटन नियमों और जनहित दोनों के विपरीत है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जब तक दुकान को स्थानांतरित नहीं किया जाएगा, उनका विरोध जारी रहेगा।प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने दुकान में रखी शराब की पेटियों को बाहर फेंकना शुरू कर दिया, जिससे मौके पर अफरातफरी मच गई। हालांकि, पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए स्थिति को संभाला और किसी बड़ी अप्रिय घटना को होने से रोक दिया।प्रदर्शनकारियों ने बताया कि यह दुकान एक दिन पहले ही खुली थी। ग्रामीणों की आपत्ति के बाद पुलिस ने इसे बंद करा दिया था, लेकिन सोमवार को संचालक ने इसे फिर से खोलकर बिक्री शुरू कर दी थी।इस प्रदर्शन में अरविंद, गोल्डेन, अवधेश, मन्नू, अजय, सीताराम, योगेश, चांदनी, सुषमा, वंदना, सरिता, महेंद्र, रमेश, जमुना, सत्यानंद, मोहनी और सोमवंशी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।इस संबंध में थानाध्यक्ष धीरेंद्र सोनकर ने बताया कि मामले को लेकर उच्चाधिकारियों से बातचीत की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रशासन ग्रामीणों की आपत्तियों पर गंभीरता से विचार कर रहा है और जल्द ही विद्यालय के समीप से शराब की दुकान को हटाकर किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने की कार्रवाई की जाएगी।








