मेडिकल कॉलेज में मिलेगा नि: शुल्क मिलेगा डायलिसिस सुविधा

गाजीपुर, 19 जून 2026 – जनपद के किडनी रोगियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में डायलिसिस सेवाओं का विस्तार करते हुए 10 नए डायलिसिस बेडों का शुभारंभ किया गया। शनिवार को राज्यसभा सांसद संगीता बलवंत ने फीता काटकर इन बेडों का उद्घाटन किया। इसके साथ ही अस्पताल की डायलिसिस यूनिट की कुल क्षमता 15 से बढ़कर 25 बेड हो गई है।उद्घाटन कार्यक्रम में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आनंद मिश्रा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. के.एन. चौधरी समेत अनेक चिकित्सक, अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने इस पहल को जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।मेडिकल कॉलेज में डायलिसिस यूनिट की शुरुआत जुलाई 2022 में 10 बेडों के साथ की गई थी। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सीएसआर के माध्यम से पांच अतिरिक्त बेड लगाए गए थे, जिससे क्षमता 15 बेड हो गई थी। इसके बावजूद लंबी प्रतीक्षा सूची के कारण कई मरीजों को निजी अस्पतालों या दूसरे जिलों का रुख करना पड़ता था।प्राचार्य डॉ. आनंद मिश्रा ने मरीजों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए शासन स्तर पर लगातार पत्राचार किया। उनके प्रयासों से ही शासन ने 10 अतिरिक्त डायलिसिस बेडों की स्वीकृति दी। अब कुल 25 बेड हो जाने से डायलिसिस की सुविधा कई गुना बढ़ जाएगी।अस्पताल प्रशासन के अनुसार वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 45 मरीजों का डायलिसिस किया जाता है। नई व्यवस्था के बाद यह संख्या बढ़कर करीब 75 मरीज प्रतिदिन हो जाएगी। इससे वेटिंग लिस्ट वाले मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी और समय पर उपचार संभव हो सकेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि किडनी रोगियों के लिए समय पर डायलिसिस जीवनरक्षक साबित होता है।महर्षि विश्वामित्र मेडिकल कॉलेज की डायलिसिस सेवाओं का लाभ केवल गाजीपुर तक सीमित नहीं है। यहां बलिया, मऊ, चंदौली, वाराणसी और बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में मरीज आते हैं। बेड बढ़ने से इन जिलों के मरीजों को भी त्वरित और बेहतर इलाज मिल सकेगा।राज्यसभा सांसद संगीता बलवंत ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए लगातार काम कर रही है। डायलिसिस यूनिट का विस्तार इसी दिशा में अहम कदम है। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने कहा कि प्रशासन स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।प्राचार्य डॉ. आनंद मिश्रा ने बताया कि इस विस्तार से आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को भी अपने जिले में ही गुणवत्तापूर्ण डायलिसिस की सुविधा मिल सकेगी। इससे मरीजों के समय और पैसे दोनों की बचत होगी।








