देवरिया की निलंबित BSA शालिनी श्रीवास्तव दिल्ली से गिरफ्तार,4 महीने से थी फरार

गोरखपुर, 17 जून 2026 – देवरिया जिले की निलंबित बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) शालिनी श्रीवास्तव को गोरखपुर पुलिस ने मंगलवार रात दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। 22 फरवरी 2026 को मुकदमा दर्ज होने के बाद से वह करीब 4 महीने से फरार चल रही थीं। उन पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित था और कोर्ट से गैर-जमानती वारंट भी जारी हुआ था।एसपी सिटी गोरखपुर निमिष पाटिल ने गिरफ्तारी की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि पुलिस को शालिनी श्रीवास्तव के दिल्ली में होने का इनपुट मिला था। इसके बाद टीम ने घेराबंदी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी से बचने के लिए शालिनी ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी, जिसे मई 2026 के अंत में कोर्ट ने खारिज कर दिया था। कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि “किसी सरकारी दफ्तर को अधिकारियों द्वारा आदेश बेचने की खुली दुकान नहीं बनने दिया जा सकता।” क्या है पूरा मामला:यह मामला कुशीनगर के रहने वाले सहायक अध्यापक कृष्ण मोहन सिंह की आत्महत्या से जुड़ा है। कृष्ण मोहन देवरिया के गौरी बाजार में तैनात थे। उन्होंने 20 फरवरी 2026 की रात गोरखपुर में फांसी लगाकर जान दे दी थी।मृतक शिक्षक के पास से 4 पन्नों का सुसाइड नोट, एक वीडियो और ऑडियो क्लिप बरामद हुआ था। सुसाइड नोट में आरोप लगाया गया था कि हाई कोर्ट के एक आदेश को लागू करने के बदले BSA शालिनी श्रीवास्तव और दफ्तर के बाबू संजीव सिंह ने उनसे व दो अन्य शिक्षकों से 16-16 लाख रुपये, कुल 48 लाख रुपये की मांग की थी।आरोप है कि शिक्षकों ने गहने गिरवी रखकर और लोन लेकर पैसे दिए। इसके बाद भी 20 फरवरी को शिक्षक को बीएसए दफ्तर बुलाकर पैसों के लिए मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। उसी रात उन्होंने आत्महत्या कर ली।मृतक शिक्षक की पत्नी की तहरीर पर गोरखपुर के गुलरिहा थाने में शालिनी श्रीवास्तव, बाबू संजीव सिंह व अन्य के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज हुआ था। घटना के बाद शासन ने शालिनी श्रीवास्तव को पद से निलंबित कर दिया था।फिलहाल पुलिस ने शालिनी श्रीवास्तव को कोर्ट में पेश करने की तैयारी शुरू कर दी है। इस मामले में नामजद आरोपी बाबू संजीव सिंह अभी भी फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।








