पान विक्रेता की मौत का मामला पंहुचा सीएम दरबार- जेई, दरोगा व हेड कांस्टेबल पर नामजद एफआईआर

सैदपुर, गाजीपुर, 17 जून 2026 – सैदपुर सीएचसी के पीछे रहने वाले पान विक्रेता सुरेंद्र कश्यप (50) की मौत का मामला अब प्रदेश की सत्ता के गलियारों तक पहुंच गया है। मुख्यमंत्री द्वारा संज्ञान लिए जाने के बाद पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। मृतक के पुत्र शुभम कश्यप की नई तहरीर पर पुलिस ने बिजली विभाग के जेई दीपक कुमार, उपनिरीक्षक उदयभान, हेड कांस्टेबल कैलाश भारती समेत अज्ञात लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया है।बीते दिनों सुरेंद्र कश्यप ने कथित रूप से विषाक्त पदार्थ खा लिया था। परिजन उन्हें सीएचसी ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों का आरोप है कि बिजली विभाग की कार्रवाई और वसूली के दबाव के चलते सुरेंद्र मानसिक तनाव में थे।मृतक के पुत्र शुभम ने तहरीर में बताया कि सितंबर-अक्टूबर 2025 में जेई दीपक कुमार, दारोगा उदयभान और हेड कांस्टेबल कैलाश भारती की टीम घर आई थी। टीम ने बिजली उपभोग को लेकर 65,190 रुपये का जुर्माना लगाया। आर्थिक तंगी के कारण रकम जमा नहीं हो पाई। इसके बाद 1,12,225 रुपये की आरसी जारी कर दी गई और तहसील स्तर से वसूली शुरू हो गई।आरोप है कि संतोष अमीन अपने साथी के साथ वसूली के लिए घर आते थे और लगातार दबाव बनाते थे। इसी प्रताड़ना से तंग आकर सुरेंद्र ने जहर खा लिया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।शुरुआत में पुलिस को इत्तेफाकिया तहरीर दी गई थी। मामला तूल पकड़ने और सीएम के संज्ञान के बाद शुभम ने नई तहरीर दी, जिसके आधार पर केस दर्ज हुआ। पुलिस अब जांच कर रही है कि बिजली विभाग की कार्रवाई नियमानुसार थी या नहीं और वसूली में अनावश्यक दबाव तो नहीं बनाया गया।सोमवार को जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला स्वयं मृतक के घर पहुंचे थे। उन्होंने परिजनों को आर्थिक मदद दी और दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। सीएम के निर्देश के बाद प्रशासन को निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई के आदेश मिले हैं।मामले के तूल पकड़ने के बाद पूरे जिले में बिजली विभाग की वसूली प्रक्रिया को लेकर चर्चा तेज हो गई है। पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है।








