यूपी बोर्ड की बड़ी कार्यवाही, 2 साल से बंद पड़े 465 स्कूलों की मान्यता स्वत: समाप्त

प्रयागराज, 17 जून 2026 – उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। परिषद ने उन 465 माध्यमिक विद्यालयों की मान्यता स्वतः समाप्त कर दी है, जहां पिछले दो शैक्षिक सत्रों से न तो कक्षाएं संचालित हुईं और न ही कोई छात्र बोर्ड परीक्षा में शामिल हुआ।यूपी बोर्ड के सचिव द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार शैक्षिक सत्र 2024-25 और 2025-26 के दौरान जिन विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियां पूरी तरह बंद रहीं, उनकी मान्यता समाप्त मानी जाएगी। इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम-1921 के अंतर्गत बने नियमों में स्पष्ट प्रावधान है कि यदि किसी नवमान्यता प्राप्त या संचालित विद्यालय में लगातार दो वर्षों तक पढ़ाई नहीं होती है, तो उसकी मान्यता अपने आप खत्म हो जाती है।परिषद की जारी सूची में प्रदेश के लगभग सभी मंडलों के जिले शामिल हैं। इनमें आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, अलीगढ़, बुलंदशहर, गाजियाबाद, मेरठ, लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर, आजमगढ़, बलिया, मऊ, मिर्जापुर, चंदौली और भदोही समेत अनेक जनपदों के स्कूल हैं।यूपी बोर्ड ने सभी संबंधित जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अपने जिलों में ऐसे विद्यालयों की जांच करें। यह सुनिश्चित किया जाए कि मान्यता समाप्त होने के बाद ये स्कूल किसी भी तरह से सरकारी सहायता प्राप्त या मान्यता प्राप्त संस्था के रूप में संचालित न हों। साथ ही इनके नाम पर किसी प्रकार का प्रवेश या फीस न ली जाए।शिक्षा विभाग के अधिकारियों का मानना है कि यह कार्रवाई प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। केवल कागजों पर चल रहे स्कूलों पर लगाम लगेगी और संसाधनों का दुरुपयोग रुकेगा। इससे वास्तविक रूप से शिक्षा दे रहे स्कूलों को बढ़ावा मिलेगा।अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे अपने बच्चों का प्रवेश कराने से पहले यूपी बोर्ड की वेबसाइट पर स्कूल की मान्यता की स्थिति जरूर जांच लें।








