फर्जी कागजों पर बेचा रक्षामंत्रालय का मकान,3 करोड़ की ठगी में 3 दबोचे गए

वाराणसी – पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी ने प्रॉपर्टी धोखाधड़ी के एक बड़े मामले का खुलासा किया है। चौक थाना पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे ₹3 करोड़ की ठगी करने वाले गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने मलदहिया स्थित नीलकॉटेज कॉलोनी का एक मकान बेचने के नाम पर कारोबारी से करोड़ों रुपये ऐंठ लिए। रक्षा मंत्रालय की जमीन बेच डाली:पुलिस के अनुसार पीड़ित कारोबारी को आरोपियों ने नीलकॉटेज कॉलोनी, मलदहिया स्थित मकान का मालिक बताकर झांसे में लिया। भरोसा जीतने के लिए आरोपियों ने फर्जी रजिस्ट्री, स्वामित्व संबंधी कागजात और कूटरचित दस्तावेज दिखाए। अलग-अलग किस्तों में कारोबारी से करीब ₹3 करोड़ ले लिए गए।जब रजिस्ट्री की बारी आई तो आरोपी टालमटोल करने लगे। शक होने पर पीड़ित ने जब खुद जांच की तो पैरों तले जमीन खिसक गई। पता चला कि जिस जमीन पर मकान बना है, वह रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की है। इस जमीन का सामान्य क्रय-विक्रय कानूनन संभव ही नहीं है। ठगी का एहसास होते ही पीड़ित ने चौक थाने में शिकायत दर्ज कराई।मुकदमा दर्ज कर जांच में जुटी चौक पुलिस ने गैंग के सरगना 57 वर्षीय राज कुमार बाजपेयी को दो महिला साथियों के साथ गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि तीनों पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी करने, आपराधिक षड्यंत्र रचने, धमकी देने समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज है।चौक थाना प्रभारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। गैंग में और कौन-कौन शामिल है, फर्जी दस्तावेज कहां से बनवाए गए और पहले कितने लोगों को ठगा गया, इसकी विस्तृत विवेचना जारी है। आरोपियों के खिलाफ कड़ी विधिक कार्रवाई की जाएगी।पुलिस ने लोगों से अपील की है कि प्रॉपर्टी खरीदने से पहले जमीन के कागजात, खसरा-खतौनी और स्वामित्व की पूरी जांच रजिस्ट्री कार्यालय और तहसील से जरूर कर लें।








