ग़ाज़ीपुर

साइबर ठगी का नया तरीका,जानकर हो जायेंगे हैरान

भांवरकोल, गाजीपुर – थाना भांवरकोल क्षेत्र के धर्मपुरा गांव में आंगनबाड़ी योजना में पैसा दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने एक युवक के खाते से 2 लाख 34 हजार 715 रुपये उड़ा दिए। पीड़ित ने भांवरकोल थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराने और कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद इलाके में साइबर अपराध को लेकर दहशत है।धर्मपुरा गांव, पोस्ट वीरपुर निवासी उपेन्द्र कुमार यादव, उम्र 35 वर्ष, पुत्र रामकृत यादव 22 जून 2026 को मिर्जाबाद चट्टी स्थित एक सीमेंट एजेंसी पर काम कर रहे थे। इसी दौरान उनकी सरहज निशा कुमारी पत्नी निरंजन यादव, निवासी सुरही, थाना नरही, बलिया का फोन आया। निशा ने बताया कि उनके पास एक अज्ञात व्यक्ति का कॉल आया था। कॉलर ने खुद को आंगनबाड़ी केंद्र का कर्मचारी बताकर बच्चे के स्वास्थ्य योजना के तहत पैसे भेजने की बात कही।निशा कुमारी के पास बैंक खाता न होने के कारण उन्होंने उपेन्द्र का मोबाइल नंबर उस व्यक्ति को दे दिया। कुछ देर बाद उपेन्द्र के मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल आई।पीड़ित के अनुसार कॉल करने वाले ने पहले वीडियो कॉल करने को कहा और फिर एक लिंक भेजकर मोबाइल में एप्लीकेशन इंस्टॉल करवा दी। इसके बाद ठग ने फोनपे एप खोलने और कुछ अंक दर्ज करने को कहा। बातों में उलझाकर यूपीआई पिन भी दर्ज करा लिया गया।जैसे ही उपेन्द्र ने पिन डाला, खाते से पैसे निकलने शुरू हो गए। ठग लगातार व्हाट्सएप कॉल पर व्यस्त रखता रहा, जिससे उपेन्द्र समय रहते कुछ समझ नहीं पाए। शक होने पर जब मोबाइल बंद करने की कोशिश की तो लगातार कॉल आते रहे।बाद में उपेन्द्र नजदीकी जनसेवा केंद्र पहुंचे और खाता चेक कराया। पता चला कि खाते से कुल 2,34,715.93 रुपये निकल चुके हैं। खाते में अब सिर्फ 82 हजार रुपये शेष बचे हैं।घटना के तुरंत बाद पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत का एक्नॉलेजमेंट नंबर 33106260145223 है। अगले दिन संबंधित अधिकारियों से भी संपर्क किया गया।उपेन्द्र कुमार यादव ने थाना भांवरकोल में तहरीर देकर एफआईआर दर्ज करने और साइबर ठगों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है। तहरीर के साथ बैंक स्टेटमेंट, आधार कार्ड और बैंक पासबुक की कॉपी भी संलग्न की है।इस घटना ने फिर साबित किया है कि आंगनबाड़ी, सरकारी योजना, केवाईसी अपडेट, बैंक सत्यापन या लाभांश के नाम पर आने वाले फोन कॉल और लिंक से सावधान रहना जरूरी है।