पूर्वांचल

साइबर ठगों ने खाते की लूट के लिए कर दी हत्या

वाराणसी – साइबर ठगी के लिए अब अपराधी हत्या करने से भी नहीं कतरा रहे। वाराणसी पुलिस ने ‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’ के तहत ऐसे ही एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा किया है। रोहनियां पुलिस, एसओजी, सर्विलांस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने जितेंद्र पटेल हत्याकांड में शामिल 5 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से 2 आरोपी पुलिस मुठभेड़ के बाद पकड़े गए। KYC के नाम पर की थी रेकी, खाते में रकम देख बनाया प्लान पुलिस के मुताबिक 8 जून 2026 को जितेंद्र पटेल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। आरोपी खुद को Paytm का कर्मचारी बताकर दुकानदारों से ठगी करते थे। करीब 6 महीने पहले आरोपियों ने जितेंद्र की दुकान पर KYC अपडेट के बहाने उसके मोबाइल और बैंक खाते की पूरी जानकारी हासिल कर ली थी।खाते में बड़ी रकम देखकर आरोपियों की नीयत बिगड़ गई। उन्होंने जितेंद्र का मोबाइल हथियाकर खाते से पैसे निकालने की साजिश रची। 8 जून को मोबाइल छीनने के दौरान विरोध करने पर आरोपियों ने जितेंद्र को गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। गैंग के पास मिला ठगी का जखीरा:गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने ₹1.78 लाख नकद, 10 पेटीएम पेमेंट मशीन, 116 QR कोड, 18 मोबाइल फोन, 29 डेबिट कार्ड, एप्पल लैपटॉप, कई बैंकों के दस्तावेज, सिम कार्ड, अवैध तमंचे-कारतूस और वारदात में इस्तेमाल रोनिन मोटरसाइकिल बरामद की है।कई जिलों में फैसला था नेटवर्क:प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यह गैंग वाराणसी, लखनऊ, कानपुर और चंदौली समेत कई जिलों में सक्रिय था। आरोपी डिजिटल पेमेंट कंपनी का कर्मचारी बनकर दुकानदारों को KYC के नाम पर झांसे में लेते थे और उनके खातों से रकम उड़ा देते थे। सभी आरोपियों पर पहले से भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।हत्या के इस चर्चित मामले के सफल खुलासे पर पुलिस आयुक्त वाराणसी ने संयुक्त पुलिस टीम की सराहना करते हुए ₹1 लाख के नकद पुरस्कार की घोषणा की है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि KYC के नाम पर मोबाइल, OTP या बैंक डिटेल किसी अनजान व्यक्ति से साझा न करें।