ग़ाज़ीपुर

ग्हमर तिहरा हत्याकांड: तीन आरोपियों पर NSA की कार्यवाही,जेल में ही रहेंगे बंद

गाजीपुर, 30 जून 2026 – थाना गहमर क्षेत्र में 24 दिसंबर 2025 को हुए सनसनीखेज तिहरे हत्याकांड के तीन आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत कठोर कार्रवाई की है। लखन उर्फ विकास सिंह पर 15 जून और अरविन्द उर्फ भदाकू व अमन सिंह पर 29 जून को NSA की धारा 3(2) लगाई गई है। अब ये आरोपी लंबे समय तक जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे।24 दिसंबर 2025 को गहमर पट्टी खेलू राय स्थित तालाब के पास विक्की सिंह पुत्र संजय सिंह, सौरभ सिंह पुत्र लक्ष्मण सिंह और अंकित सिंह पुत्र अरुण कुमार सिंह की बांका व धारदार हथियार से बर्बरतापूर्ण हत्या कर दी गई थी। इस जघन्य वारदात से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी।हत्या के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की। मुख्य आरोपी ओम सिंह पुत्र पिन्टू उर्फ सुनील सिंह को 27 दिसंबर 2025 को पुलिस मुठभेड़ में घायल कर गिरफ्तार किया गया। वहीं अरविन्द सिंह उर्फ भदाकू और उसके बेटे अमन सिंह को 1 जनवरी 2026 को मुठभेड़ के बाद दबोचा गया।इसके अलावा सीमा सिंह, अभिषेक सिंह, अमरजीत सिंह, कृपेन्द्र शंकर सिंह उर्फ नीरज सिंह, शैलेश सिंह और अंजनी सिंह को भी नियमानुसार गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। लखन उर्फ विकास सिंह ने 14 जनवरी 2026 और अमित सिंह ने 4 मई 2026 को कोर्ट में सरेंडर किया था।पुलिस के अनुसार आरोपियों के इस कृत्य से गहमर में आम लोगों, व्यापारियों, बुजुर्गों और बच्चों में भारी दहशत फैल गई थी। घटना के बाद लोक व्यवस्था पूरी तरह छिन्न-भिन्न हो गई थी। लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया था। गहमर पट्टी खेलू राय की सभी दुकानें और स्कूल-कॉलेज तक बंद हो गए थे।पीड़ित परिवार लगातार जान-माल के खतरे की शिकायत कर रहे थे। इसके बाद पुलिस ने इलाके में भारी फोर्स तैनात की। पीएसी के साथ थाने और जिले की पुलिस लगातार भ्रमण कर लोगों में कानून का भरोसा जगाने और शांति व्यवस्था कायम करने में जुटी रही।इन्हीं हालात को देखते हुए पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की। लखन उर्फ विकास सिंह पुत्र स्व0 रमेश सिंह के खिलाफ 15 जून 2026 को NSA लगाई गई। वहीं 29 जून 2026 को अरविन्द उर्फ भदाकू पुत्र अंजनी सिंह और अमन सिंह पुत्र अरविन्द सिंह पर भी NSA की धारा 3(2) के तहत कार्रवाई की गई।पुलिस का मानना है कि इन आरोपियों के बाहर रहने से फिर से अशांति फैल सकती थी। NSA लगने के बाद अब इन्हें लंबे समय तक जेल में ही रहना होगा। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच भी जारी है।