ग़ाज़ीपुर

माननीय के चहेते ठेकेदार के घटिया सड़क निर्माण पर भड़के ग्रामीण, किया प्रदर्शन

मरदह (गाजीपुर) – मरदह बस स्टैंड से कासिमाबाद मार्ग के सुदृढ़ीकरण और चौड़ीकरण में भ्रष्टाचार और अनियमितता का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने 12 घंटे तक निर्माण कार्य रुकवा दिया और घंटों प्रदर्शन किया।यह मार्ग लगभग 35 करोड़ 84 लाख 35 हजार रुपये की लागत से 12.14 किलोमीटर लंबा बन रहा है। छोटका मरदह गांव के पास ग्रामीणों ने निर्माण कार्य रुकवाकर सड़क पर नारेबाजी की।ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में गिट्टी की जगह मिट्टी का इस्तेमाल किया जा रहा था। उनका कहना है कि भीड़वल और छोटका मरदह गांव के सामने पटरी निर्माण में आधा गिट्टी और आधा मिट्टी मिलाकर डाली जा रही थी। इसके अलावा मानक विहीन गिट्टी का प्रयोग और कई स्थानों पर पुरानी पिच रोड को बिना तोड़े ही उस पर गिट्टी डाले जाने का भी आरोप लगाया गया।ग्रामीणों के अनुसार बजट नए निर्माण कार्य के लिए आया है, लेकिन सड़क कहीं चौड़ी तो कहीं पतली बनाई जा रही है। इससे मानकों की अनदेखी हो रही है। अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी: प्रदर्शनकारियों ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों पर ठेकेदार से मिलीभगत कर घटिया निर्माण कार्य कराने और सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की।लंबे समय से जर्जर और संकरे मरदह-कासिमाबाद मार्ग से आवागमन में परेशानी झेल रहे लोगों में सड़क निर्माण को लेकर काफी उत्साह था, लेकिन ठेकेदार की मनमानी से उनमें आक्रोश है।प्रदर्शन में मनोज यादव, महेंद्र कन्नौजिया, कुंदन सिंह, सत्येन्द्र सिंह, अमित यादव, बब्बन यादव, राम समुझ विश्वकर्मा, ओमप्रकाश विश्वकर्मा, रामलाल विश्वकर्मा, रितेश मौर्या, मिथिलेश गुप्ता, अशरफ अहमद, शिवम सिंह आदि शामिल रहे। अधिकारियों ने दिया आश्वासन:सूचना मिलने पर लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता और जेई मौके पर पहुंचे। निरीक्षण के बाद उन्होंने सड़क में डाली गई मिट्टी को हटवाकर गिट्टी डलवाई।इस संबंध में अधिशासी अभियंता किरनपाल ने बताया कि शिकायत मिलने पर तुरंत मौके पर जाकर निरीक्षण किया गया। जहां अनियमितता पाई गई उस मैटेरियल को तुरंत बदलकर निर्माण कार्य शुरू कराया गया है।