पूर्वांचल

नौकरी के नाम करोड़ों की ठगी, 300 बेरोजगारों बनाया बंधक,19 गिरफ्तार

वाराणसी, 10 जुलाई 2026 – रोहनिया थाना क्षेत्र में फर्जी मल्टी लेवल मार्केटिंग (MLM) और पिरामिड चेन स्कीम के नाम पर बेरोजगार युवाओं से ठगी करने वाले बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का वाराणसी पुलिस ने पर्दाफाश किया है।पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करीब 300 युवक-युवतियों को मुक्त कराया और गिरोह के मुख्य सरगना समेत 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कैसे चलता था फर्जी नेटवर्क:डीसीपी क्राइम नीतू कादयान ने बताया कि रोहनिया पुलिस और साइबर क्राइम टीम की संयुक्त कार्रवाई में यह खुलासा हुआ। आरोपी ‘महादेव इंटरप्राइजेज’ और ‘रॉयल हेल्थ एंड वेलनेस प्राइवेट लिमिटेड’ की फ्रेंचाइजी के नाम पर कथित तौर पर फर्जी नेटवर्क मार्केटिंग कारोबार चला रहे थे।पुलिस के अनुसार, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों के बेरोजगार युवाओं को 25 हजार रुपये प्रतिमाह नौकरी का झांसा देकर वाराणसी बुलाया जाता था। यहां कॉरपोरेट ऑफिस जैसा माहौल बनाकर इंटरव्यू लिया जाता और रजिस्ट्रेशन एवं जॉइनिंग फीस के नाम पर 30 से 35 हजार रुपये वसूले जाते थे। बदले में युवाओं को मामूली कीमत की किट देकर नेटवर्क में शामिल कर लिया जाता था। ब्रेनवाश कर बनाते थे टारगेट:जांच में सामने आया कि युवाओं का मनोवैज्ञानिक तरीके से ब्रेनवॉश किया जाता था और उन्हें अपने रिश्तेदारों व दोस्तों को इस नेटवर्क से जोड़ने का दबाव बनाया जाता था।प्रत्येक सदस्य को कम से कम 3 नए लोगों को जोड़ने का लक्ष्य दिया जाता था। ऐसा न करने पर वेतन रोकने और जमा रकम वापस न करने की धमकी दी जाती थी। मुख्य सरगना के खाते से 1 साल में 4 करोड़ का लेन-देन:एसीपी क्राइम विदुष सक्सेना ने बताया कि गिरोह का मुख्य संचालक दीपक कुमार शाह (जमुई, बिहार) है। प्रारंभिक जांच में उसके बैंक खातों में एक वर्ष के दौरान करीब 4 करोड़ रुपये का लेनदेन सामने आया है।इसके अलावा NCRP पोर्टल पर 5 ऑनलाइन शिकायतें और 4 लिखित शिकायतें भी दर्ज मिली हैं। पूरे वित्तीय लेनदेन की विस्तृत जांच जारी है। बरामदगी और आगे की कार्रवाई:पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 20 मोबाइल फोन, 2 लग्जरी कारें, दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं।पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के नेटवर्क और वित्तीय लेनदेन की गहन जांच की जा रही है तथा मामले में आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।