ग़ाज़ीपुर

10 हज़ार की घूस लेते गिरफ्तार हुए दरोगा

जौनपुर, 10 जुलाई 2026 – उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए वाराणसी मंडल की एंटी करप्शन टीम ने जौनपुर जिले के मड़ियाहूं थाने में तैनात उपनिरीक्षक रामाश्रय प्रजापति को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। क्या है पूरा मामला:एंटी करप्शन थाना, वाराणसी मंडल के अनुसार, ककरराही निवासी गोविन्द सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप था कि उनके भतीजे द्वारा दर्ज कराए गए मारपीट के मुकदमे की विवेचना उपनिरीक्षक रामाश्रय प्रजापति कर रहे थे।आरोप है कि विवेचक ने मुकदमे में अन्य आरोपियों का नाम जोड़ने के एवज में 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। रिश्वत नहीं देने पर मुकदमे को कमजोर करने और आरोपियों का नाम न बढ़ाने की धमकी भी दी जा रही थी। इस तरह बिछाया गया जाल: शिकायत के सत्यापन के बाद एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाया। तय योजना के तहत शिकायतकर्ता को 9 जुलाई को मड़ियाहूं कस्बे स्थित एक चाय की दुकान पर बुलाया गया।जैसे ही उपनिरीक्षक ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, पहले से मौजूद एंटी करप्शन टीम ने उन्हें मौके पर ही दबोच लिया। रासायनिक परीक्षण से हुई पुष्टि:कार्रवाई के दौरान आरोपी के कब्जे से 10 हजार रुपये की रिश्वत की रकम बरामद की गई। रासायनिक परीक्षण के दौरान हाथ धुलवाने पर घोल का रंग गुलाबी हो गया, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हुई।गिरफ्तार उपनिरीक्षक के खिलाफ थाना जलालपुर, जनपद जौनपुर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित संबंधित धाराओं में विधिक कार्रवाई की जा रही है।पुलिस के अनुसार, रामाश्रय प्रजापति वर्ष 1989 में आरक्षी के पद पर भर्ती हुए थे और वर्ष 2023 में पदोन्नत होकर उपनिरीक्षक बने थे।