कुम्हार भाई विद्युत चालित चाक के लिए आवेदन करें

गाजीपुर, 06 जून 2026 – माटीकला से जुड़े परंपरागत कारीगरों के लिए बड़ी खुशखबरी है। उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के माध्यम से संचालित उ0प्र0 माटीकला बोर्ड समन्वित विकास कार्यक्रम के तहत जनपद गाजीपुर को वर्ष 2026-27 के लिए 70 अदद विद्युत चालित चाक और 9 अदद पगमिल का लक्ष्य आवंटित किया गया है। योजना के तहत प्रजापति समाज के परंपरागत कुम्हारों को निःशुल्क विद्युत चाक का वितरण किया जाएगा। किन्हें मिलेगा लाभ:जिला ग्रामोद्योग अधिकारी ने बताया कि इस योजना का लाभ जनपद के मूल निवासी माटीकला से जुड़े परंपरागत कारीगरों को दिया जाएगा। आवेदक की आयु 18 वर्ष से कम और 55 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। विद्युत चाक का वितरण सीधे प्रजापति समाज के कारीगरों को किया जाएगा, जबकि पगमिल उन इकाइयों को दी जाएंगी जो विगत वर्षों में मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना के तहत वित्तपोषित या स्थापित हो चुकी हैं। आवेदन कैसे करें:इच्छुक लाभार्थी अपना आवेदन ऑनलाइन पोर्टल http://www.upmatikalaboard.in पर कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 15 जून 2026 निर्धारित की गई है। ऑनलाइन आवेदन के बाद सभी दस्तावेजों की हार्ड कॉपी जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, 44 आमघाट सहकारी कॉलोनी, जनपद-गाजीपुर में जमा करनी होगी। ये दस्तावेज जरूरी:आवेदन के साथ निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, शैक्षिक योग्यता प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो, राशन कार्ड और मोबाइल नंबर लगाना अनिवार्य है। अधूरे आवेदन पत्रों पर विचार नहीं किया जाएगा। क्या है योजना का मकसद:उ0प्र0 माटीकला बोर्ड का उद्देश्य प्रदेश के परंपरागत माटीकला कारीगरों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना है। विद्युत चालित चाक से कारीगर कम समय में अधिक और बेहतर गुणवत्ता के बर्तन बना सकेंगे। इससे उनकी आय बढ़ेगी और माटीकला को नया जीवन मिलेगा। पगमिल से मिट्टी गूंथने का काम आसान हो जाएगा, जिससे शारीरिक श्रम कम होगा। यहां से ले जरूरी जानकारी:योजना से संबंधित किसी भी तरह की जानकारी के लिए लाभार्थी मोबाइल नंबर 740841082, 9455069390 पर संपर्क कर सकते हैं। जिला ग्रामोद्योग कार्यालय में भी सीधे आकर जानकारी ली जा सकती है।जिला सूचना कार्यालय ने अपील की है कि अधिक से अधिक पात्र कारीगर समय से आवेदन कर इस योजना का लाभ उठाएं। यह योजना न सिर्फ रोजगार बढ़ाएगी बल्कि लुप्त हो रही माटीकला को भी संजीवनी देगी।







