जनपद के स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप

गाजीपुर: जिलाधिकारी के सख्त रुख के बाद स्वास्थ्य विभाग में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई हुई है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. एसके पांडेय ने संविदा कर्मी राघवेंद्र शेखर सिंह को तत्काल प्रभाव से हटाते हुए उनका अन्यत्र स्थानांतरण कर दिया है। साथ ही पूरे मामले की जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं। इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग में अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच हलचल तेज हो गई है। क्या है मामला:यह पूरा प्रकरण मई माह में हुए डॉक्टरों के स्थानांतरण से जुड़ा है। स्थानांतरण के खिलाफ कई चिकित्सकों ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। जुलाई में न्यायालय का फैसला डॉक्टरों के पक्ष में आने के बाद विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) के अधीक्षक अपनी पूर्व तैनाती वाले केंद्रों पर वापस लौट आए।इसी बीच राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत संविदा चिकित्सकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद सीएमओ डॉ. एसके पांडेय इलाज के लिए अवकाश पर लखनऊ चले गए थे। उनकी अनुपस्थिति में एसीएमओ डॉ. मनोज कुमार को प्रभार सौंपा गया था। जांच और आदेश:इस दौरान जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य राजस्व अधिकारी ने सीएमओ कार्यालय में बजट और अन्य अभिलेखों की जांच की, जबकि मुख्य विकास अधिकारी को स्वास्थ्य विभाग का नोडल अधिकारी बनाया गया।बाद में अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने पत्र जारी कर जिलाधिकारी के आदेश को निरस्त करते हुए डॉ. मनोज कुमार को सीएमओ की अनुपस्थिति में दायित्व निभाने के निर्देश दिए। सीएमओ ने अवकाश से आते ही शुरू की कार्यवाही:अवकाश से लौटने के बाद डॉ. एसके पांडेय ने पदभार संभालते ही संविदा कर्मी राघवेंद्र शेखर सिंह को हटाने और स्थानांतरित करने का आदेश जारी किया। इसके साथ ही पूरे मामले की विभागीय जांच शुरू कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।इस कार्रवाई को स्वास्थ्य विभाग में अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।








