BEO भांवरकोल पर लगा गंभीर आरोप

गाजीपुर। बुधवार, 15 जुलाई 2026:जनपद के भांवरकोल विकासखंड में तैनात खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) रविन्द्र सिंह के खिलाफ शिक्षकों के एक समूह ने जिलाधिकारी को शिकायत-पत्र भेजकर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिक्षकों का कहना है कि कार्यालय की कार्यशैली से वे मानसिक रूप से परेशान हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में क्या है आरोप:1-अभद्र व्यवहार: आरोप है कि विद्यालय में कुछ मिनट की देरी होने पर शिक्षकों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है और अनुशासनात्मक कार्रवाई की धमकी दी जाती है। 2-वेतन कटौती: आकस्मिक अवकाश (CL) के प्रार्थना-पत्र नियमों के अनुसार स्वीकृत नहीं किए जाते, जिससे कई शिक्षकों का वेतन काट दिया गया है। 3- निरीक्षण में अनियमितता: शिकायत में कहा गया है कि कई बार निरीक्षण की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं अपनाई गई। 4-पारदर्शिता का अभाव: कार्यों के निष्पादन में पारदर्शिता न होने से विभागीय कर्मचारियों में असंतोष है। 5-वसूली और उत्पीड़न के आरोप: शिक्षकों ने धन उगाही और अनावश्यक दबाव बनाने के भी आरोप लगाए हैं। शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष का बयान:शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष अशोक राय ने भी BEO पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा,”खंड शिक्षा अधिकारी को तत्काल प्रभाव से भांवरकोल से हटाया जाए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो शिक्षक एवं शिक्षामित्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। शिक्षकों और शिक्षामित्रों का उत्पीड़न किया जा रहा है तथा धन उगाही की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।” BEO रविन्द्र सिंह ने आरोपों को नकारा:खंड शिक्षा अधिकारी रविन्द्र सिंह ने सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा,”हम पूरी तरह शासन के नियमों के अनुसार कार्य कर रहे हैं। भांवरकोल में प्राथमिक शिक्षा को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हमारी रैंकिंग बेहतर है और भांवरकोल अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। कुछ लोगों को हमारी कार्यशैली पसंद नहीं है, लेकिन हम सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्य करते रहेंगे।”बेसिक शिक्षा अधिकारी का बयान:जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उपासना रानी वर्मा ने कहा,”अभी हमारे पास इस संबंध में कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शिकायत मिलने पर नियमानुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी शिक्षक का उत्पीड़न न हो। यदि किसी भी ब्लॉक से उत्पीड़न की लिखित शिकायत प्राप्त होती है और जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई के लिए शासन को संस्तुति भेजी जाएगी। विभाग में ‘जीरो बैलेंस’ की नीति हर हाल में लागू की जाएगी।” शिक्षकों की मांग:शिक्षकों ने जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने, शिकायतों की सत्यता परखने और यदि आरोप सही पाए जाएं तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और विश्वास कायम हो सके।








