किसानों ने किया प्रदर्शन, दिया प्रशासन को चेतावनी

सेवराई (गाजीपुर)। क्षेत्र में समय पर बारिश न होने और नहरों-माइनरों में पानी न छोड़े जाने से धान की खेती गहरे संकट में पड़ गई है। धान रोपाई का समय बीत रहा है लेकिन खेत सूखे पड़े हैं। किसानों की तैयार नर्सरी भी पानी के अभाव में बर्बाद होने की कगार पर है।सिंचाई विभाग से बार-बार शिकायत के बाद भी समाधान न निकलने पर बुधवार को किसानों का आक्रोश फूट पड़ा। बड़ी संख्या में किसान गोड़सरा माइनर पर एकत्र हुए और तत्काल नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र पानी उपलब्ध नहीं हुआ तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा। हजारों बीघा फसल प्रभावित:किसानों ने बताया कि जमानिया गंगा नदी से निकली चौधरी चरण सिंह पंप नहर इन दिनों पूरी तरह सूखी है। मुख्य नहर के साथ दिलदारनगर रजवाहा, उसियां माइनर, सेवराई-करवनिया डेरा माइनर और गोड़सरा टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा। इससे हजारों बीघा जमीन प्रभावित है। सबसे अधिक नुकसान धान की नर्सरी को हो रहा है जो लगातार सूख रही है।किसानों का आरोप है कि मानसून की बेरुखी के बीच उनकी उम्मीदें सिंचाई व्यवस्था पर थीं, लेकिन अधिकारी केवल आश्वासन दे रहे हैं। न तो निरीक्षण हुआ और न ही पानी छोड़ा गया। बिजली आपूर्ति भी अनियमित है, जिससे निजी संसाधनों से भी सिंचाई संभव नहीं हो पा रही। प्रशासन को चेतावनी:प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी से मांग की कि मुख्य नहर, रजवाहों और माइनरों में तत्काल क्षमता के अनुसार पानी छोड़ा जाए ताकि समय पर रोपाई हो सके। किसानों ने कहा कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो किसान सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सिंचाई विभाग और प्रशासन की होगी।प्रदर्शन में शामिल होने वालों में किसान मिन्हाज खां, हातिम खां, वसीम खान, तेजू यादव, मुहम्मद आरिफ खां, सुधाकर बिंद, लालबहादुर यादव, कालिका यादव, सैयद इरफान, सफी आलम सहित बड़ी संख्या में अन्नदाता मौजूद रहे।इस संबंध में प्रभारी तहसीलदार सेवराई पंकज कुमार ने कहा कि सिंचाई विभाग के उच्चाधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है। जल्द ही नहरों में पानी उपलब्ध करवा दिया जाएगा।








