ग़ाज़ीपुर

अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर डीएम की सख्त चेतावनी

गाजीपुर, 16 जुलाई 2026 (सू0वि0)। जिले में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को प्रभावी ढंग से लागू करने और स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से बुधवार को आडिटोरियम हाल में उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने की। इसमें जिले के 167 प्रशासकों एवं सचिवों ने भाग लिया। डीएम के प्रमुख निर्देश:बैठक में जिलाधिकारी ने साफ-सफाई और कचरा निस्तारण को लेकर कई अहम निर्देश दिए:घर-घर कूड़ा कलेक्शन: सभी ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में घर-घर से कूड़ा कलेक्शन की व्यवस्था को 100% सुनिश्चित किया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।गीला-सूखा कचरा अलग करें: घर और दुकान पर ही गीले और सूखे कूड़े को अलग-अलग किया जाए। सचिवों को आम जनता को इसके प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए। आरआरसी सेंटर 24×7 चालू रहें: जिले में बने आरसी सेंटरों को पूरी क्षमता के साथ संचालित करने के निर्देश दिए। कहा कि किसी भी आरआरसी सेंटर पर ताला नहीं लगा रहना चाहिए। यदि ऐसा पाया गया तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित प्रधान और सचिव की होगी। यूजर चार्ज और कबाड़ी का चयन: सेंटरों पर यूजर चार्ज लगाया जाए। जो भी लोग सेवा लेंगे उन्हें यूजर चार्ज देना होगा। साथ ही सेंटरों पर कबाड़ी वालों का चयन कर एग्रीमेंट कराया जाए।गौशालाओं पर विशेष ध्यान: गौशाला संचालक यह सुनिश्चित करें कि कहीं भी हरे चारे की कमी न हो। गौशाला संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है।साप्ताहिक निरीक्षण: प्रत्येक बुधवार को एक नोडल अधिकारी गांवों, स्कूल, कॉलेजों और आवागमन वाले बाजारों का स्थलीय निरीक्षण करेंगे। साथ ही गौशालाओं एवं आरआरसी सेंटरों का भी जायजा लेंगे। लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी:जिलाधिकारी ने सभी प्रशासकों और सचिवों को चेतावनी दी कि यदि उनके कार्यक्षेत्र में गंदगी या कचरा प्रबंधन में ढिलाई पाई गई, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि आम जनमानस के स्वास्थ्य से जुड़ा संवेदनशील विषय है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के नियमों का जमीनी स्तर पर कड़ाई से पालन होना चाहिए। सभी अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से लें और अपने क्षेत्रों को आदर्श व स्वच्छ बनाएं।बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि आगामी दिनों में औचक निरीक्षण किए जाएंगे ताकि कार्यों की वास्तविक प्रगति को परखा जा सके।