टैक्सी ड्राइवर शुभम पांडेय का हत्यारोपी व 50 का इनामी बलिया निवासी मोनू यादव 7 साल बाद गिरफ्तार

लखनऊ/कानपुर। राजधानी लखनऊ के सरोजनीनगर में वर्ष 2019 में हुए टैक्सी ड्राइवर हत्याकांड और कार लूट मामले में फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश मोनू यादव उर्फ अभिमन्यु यादव को उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने सात साल बाद धर दबोचा है।एसटीएफ कानपुर यूनिट ने आरोपी को राजस्थान के डीडवाना स्थित सत्य इंडस्ट्रीज, खंडेलवाल स्वीट्स के पास से गिरफ्तार किया। आरोपी लंबे समय से अपनी पहचान बदलकर अलग-अलग राज्यों में छिपकर रह रहा था। क्या था पूरा मामला:पूछताछ में बलिया जिले के सुखपुरा निवासी मोनू यादव ने सनसनीखेज खुलासे किए।उसने बताया कि 14 जुलाई 2019 की रात उसने अपने साथियों मिथलेश पांडेय, छोटू सिंह और मोहन यादव के साथ मिलकर एयरपोर्ट जाने के बहाने गोरखपुर के बड़हलगंज निवासी टैक्सी चालक शुभम पांडेय की गाड़ी बुक की थी।आरोप है कि चारों ने पहले से बनाई गई साजिश के तहत टैक्सी लूटने की नीयत से शुभम पांडेय की हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को नहर में फेंक दिया और टैक्सी लेकर वाराणसी की ओर फरार हो गए।इस मामले में लखनऊ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। मुख्य आरोपी मोनू यादव फरार हो गया था और उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। एसटीएफ ने ऐसे दबोचा:एसटीएफ को लंबे समय से मोनू यादव की लोकेशन मिल रही थी। पता चला कि वह राजस्थान में नाम बदलकर रह रहा है। इसी सूचना पर एसटीएफ कानपुर यूनिट ने डीडवाना में घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तारी के बाद आरोपी को लखनऊ लाकर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। एसटीएफ अब उसके अन्य साथियों की तलाश में भी जुटी है।








