ग़ाज़ीपुर

सरप्लस शिक्षकों के समायोजन में खलनायक बने बीईओ

गाजीपुर। प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में वर्षों से चली आ रही शिक्षकों की असमान तैनाती को दूर करने के लिए अतिरिक्त यानी सरप्लस शिक्षकों के समायोजन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में बेसिक शिक्षा विभाग ने प्रभावित शिक्षकों को राहत देते हुए उन्हें अपनी ऑफलाइन आपत्तियां संबंधित BSA कार्यालय में दर्ज कराने का अवसर दिया है। क्या है पूरी प्रक्रिया:शिक्षा के अधिकार अधिनियम RTE Act 2009 के मानकों के अनुसार छात्र-शिक्षक अनुपात बनाए रखने और हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के उद्देश्य से यह समायोजन किया जा रहा है। जिन विद्यालयों में छात्र संख्या के सापेक्ष शिक्षक अधिक हैं, उन्हें सरप्लस घोषित कर उन शिक्षकों को ऐसे स्कूलों में भेजा जाएगा जहां शिक्षकों की कमी है।बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार समायोजन पूरी तरह पारदर्शी और नियमसंगत तरीके से होगा। प्रक्रिया शुरू होने से पहले प्रत्येक जिले में सरप्लस और रिक्त पदों का सत्यापन कराया गया है। मुख्य दिशानिर्देश व नियम :अनिवार्य तैनाती: शासन का स्पष्ट निर्देश है कि हर परिषदीय विद्यालय में कम से कम दो शिक्षकों की तैनाती हर हाल में सुनिश्चित की जाए। एकल शिक्षक वाले स्कूल अब नहीं रहेंगे। छात्र-शिक्षक अनुपात: RTE एक्ट के मानक-1-1 से 60 छात्र तक: 2 शिक्षक,  2-61 से 90 छात्र तक: 3 शिक्षक, 3- 91 से 120 छात्र तक: 4 शिक्षक, 5-120 से अधिक पर हर 40 छात्र पर 1 अतिरिक्त शिक्षक,इसी अनुपात से अधिक शिक्षकों को सरप्लस की श्रेणी में रखा गया है। समायोजन में महिला शिक्षिकाओं को प्राथमिकता:महिला अध्यापिकाओं को प्राथमिकता: समायोजन में महिला शिक्षिकाओं को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। उन्हें यथासंभव उसी विकास खंड यानी ब्लॉक में ही समायोजित किया जाएगा ताकि उन्हें घर से दूर न जाना पड़े। इसके साथ ही दिव्यांग और गंभीर बीमारी से ग्रसित शिक्षकों के मामलों पर भी मानवीय आधार पर विचार किया जाएगा। आपत्ति दर्ज कराने की सुविधा:आपत्ति दर्ज कराने की सुविधा: हाईकोर्ट के आदेश के बाद विभाग ने पारदर्शिता बरतते हुए प्रभावित शिक्षकों को आपत्ति दर्ज कराने का मौका दिया है। यदि किसी शिक्षक को लगता है कि उनका समायोजन गलत तरीके से हुआ है या नियमों के विरुद्ध है, तो वे अपने प्रार्थना पत्र के साथ साक्ष्य सहित संबंधित BSA कार्यालय में ऑफलाइन आपत्ति दे सकते हैं। प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण कमेटी द्वारा किया जाएगा। समायोजन से क्या होगा फायदा:बेसिक शिक्षा विभाग का मानना है कि इस प्रक्रिया से दो बड़े लाभ होंगे। 1-पहला, एकल शिक्षक वाले स्कूलों की समस्या खत्म होगी और बच्चों को नियमित पठन-पाठन मिलेगा। 2-दूसरा, अधिक छात्र संख्या वाले स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होगी, जिससे RTE के मानकों का पालन संभव हो सकेगा। सरप्लस शिक्षकों के समायोजन को लेकर खलनायक बने बीईओ: वर्तमान समय में गाजीपुर जनपद में 100 से अधिक शिक्षक और शिक्षिका ऐसे है जो अपने समायोजन को लेकर काफी पर हैरान परेशान है । समायोजन के लिए सबसे पहले उन्हें खंड शिक्षा अधिकारियों से अपने प्रार्थना पत्र पर संस्तुति लेनी है लेकिन जनपद के विभिन्न ब्लाकों में कार्यरत  खंड शिक्षा अधिकारी अज्ञात कारणों से ऐसे शिक्षक और शिक्षिकाओं के आवेदन को बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय तक पहुंचने ही नहीं देना चाहते हैं । महिला शिक्षिकाओं को खंड शिक्षा अधिकारियों के व्यवहार से काफी परेशानी हो रही है। इस संदर्भ में शिक्षकों के तमाम संगठन भी अज्ञात कारणों से मौन साधे हुए हैं या तो खंड शिक्षा अधिकारियों की चमचागीरी की वजह से या वह यह प्रदर्शित करना चाहते हैं कि शिक्षक और शिक्षिकाओं की इन समस्याओं की उन्हें कोई जानकारी ही नहीं है ।आने वाले दिनों में शिक्षक और शिक्षिकाओं की यह समस्या कहीं संगठनों से भरोसा ना तोड़ दे।