ग़ाज़ीपुर

पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के MD से भी पावरफुल कार्यकारी सहायक सलाउद्दीन शाह

गाजीपुर। विभागीय आदेशों की खुलेआम अवहेलना का मामला सैदपुर खंड से सामने आया है। यहां तैनात कार्यकारी सहायक सलाउद्दीन शाह का स्थानांतरण 30 जून 2024 को ही प्रयागराज जोन-2 के लिए हो चुका है।लेकिन हैरत की बात है कि लगभग दो साल बीत जाने के बाद भी महाशय ने सैदपुर खंड की “मोह-माया” नहीं छोड़ी है और अभी तक कार्यमुक्त नहीं हुए हैं। उच्चाधिकारियों के आदेश भी हुए फेल:प्रबंध निदेशक कार्यालय से लेकर मुख्य अभियंता स्तर तक इस संबंध में कई बार कड़े निर्देश जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद सलाउद्दीन शाह उसी कुर्सी पर जमे हुए हैं। लेन-देन का खेल या व्यवस्था पर मजबूत पकड़:इस पूरे मामले को लेकर विभाग के गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। कर्मचारियों में चर्चा है कि आखिर कौन सी ऐसी “जादुई ताकत” या “आर्थिक लेन-देन” का समीकरण है, जिसके दम पर स्थानांतरण आदेश ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है।प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि उच्चस्तरीय आदेशों को दरकिनार कर एक ही जगह पर जमे रहना विभागीय सांठगांठ और गंभीर भ्रष्टाचार की ओर सीधा इशारा करता है।विभाग में यह भी चर्चा है कि जब अन्य कर्मचारियों का ट्रांसफर होते ही उन्हें तुरंत रिलीव कर दिया जाता है, तो फिर सलाउद्दीन शाह के मामले में 2 साल से देरी क्यों?नियमों के अनुसार स्थानांतरण के बाद तय समय में कार्यमुक्त होना अनिवार्य है, लेकिन यहां नियम-कायदे ताक पर रख दिए गए हैं।अब सवाल यह है कि विभाग के आला अधिकारी इस मामले में कब सख्ती दिखाएंगे और ट्रांसफर आदेश को कब लागू कराएंगे।