ग़ाज़ीपुर

बाल श्रम निषेध दिवस पर आयोजित हुई कार्यशाला,1098 पर बाल श्रमिक की सूचना दें

गाजीपुर, 12 जून 2026 – अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर गुरुवार को विकास खंड सदर के ब्लॉक सभागार में सहायक श्रम आयुक्त गाजीपुर के तत्वावधान में जन-जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में बाल श्रम उन्मूलन, बालकों के शिक्षा एवं संरक्षण के अधिकार तथा बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम पर विस्तृत चर्चा हुई।कार्यशाला का शुभारंभ सहायक श्रम आयुक्त अभिषेक सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि बाल श्रम समाज के समग्र विकास में गंभीर बाधा है। प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा एवं सम्मानपूर्ण बचपन देना हम सभी का सामूहिक दायित्व है।उन्होंने बताया कि बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 (संशोधित 2016) के तहत 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से किसी भी व्यवसाय, दुकान, वाणिज्यिक प्रतिष्ठान या फैक्ट्री में काम कराना पूरी तरह प्रतिबंधित है। वहीं 14 से 18 वर्ष तक के किशोरों को जोखिमपूर्ण कार्यों में लगाना दंडनीय है। क्या है सज़ा का प्रावधान:अभिषेक सिंह ने बताया कि कानून का उल्लंघन करने पर 06 माह से 02 वर्ष तक का कारावास और 20,000 से 50,000 रुपये तक अर्थदंड का प्रावधान है। बार-बार अपराध करने पर सजा और जुर्माना दोनों बढ़ सकते हैं। हालांकि, खतरनाक श्रेणी में न आने वाले पारिवारिक व्यवसाय में स्कूल के समय के बाद या छुट्टियों में बच्चे से काम लिया जा सकता है।कार्यशाला में उपस्थित उद्योग प्रतिनिधियों, व्यापारिक संगठनों, श्रमिक संगठनों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने बाल श्रम उन्मूलन के लिए जन-जागरूकता अभियान को प्रभावी बनाने, स्कूल से बाहर बच्चों की पहचान व पुनर्वास और विभागों के बीच समन्वय मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया। सभी ने बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय सहयोग का संकल्प लिया। हाट -स्पाट पर की गई छापेमारी:इसी क्रम में श्रम विभाग एवं एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की संयुक्त टीम ने हॉट-स्पॉटों पर बाल श्रम चिह्नांकन की कार्रवाई की। इस दौरान 2 प्रतिष्ठानों पर 4 किशोर श्रमिकों का चिह्नांकन करते हुए उनके विरुद्ध निरीक्षण टिप्पणी जारी की गई। बाजारों में जन-जागरूकता कार्यक्रम भी चलाया गया। 1098 पर बाल श्रमिक की सूचना दें: एएलसी समापन अवसर पर सहायक श्रम आयुक्त ने कहा कि बाल श्रम उन्मूलन केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए शासन, प्रशासन, उद्योग, व्यापारिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा आमजन के संयुक्त प्रयास जरूरी हैं।उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि कहीं भी बाल श्रम कराया जाता दिखे या किसी बच्चे के शोषण की सूचना मिले तो तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या श्रम विभाग को सूचित करें, ताकि बच्चे का संरक्षण कर उसे शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।कार्यक्रम में जनपद ईंट निर्माता समिति, जिला व्यापार मंडल, भारतीय मजदूर संघ, चाइल्ड लाइन, स्वयंसेवी संस्था रोजा के जिला समन्वयक संजय कुमार, जन ग्रामीण विकास संस्थान की विमला मौर्या, जनसेवा प्रशिक्षण संस्थान देवकली के रामबचन भारती, औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधि, एएचटीयू प्रभारी निरीक्षक सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।