देवराज उर्फ ठाकुर सिंह समेत 5 की जमानत याचिका निरस्त, सैदपुर प्रमुख पर जानलेवा हमले का मामला

गाजीपुर, 10 जुलाई 2026 – सैदपुर ब्लाक प्रमुख हीरा यादव पर हुए जानलेवा हमले के मामले में जिला जेल में निरुद्ध मुख्य आरोपी देवराज उर्फ ठाकुर सिंह समेत सभी पांच आरोपियों की जमानत प्रार्थना पत्र को प्रभारी सत्र न्यायाधीश शक्ति सिंह की अदालत ने निरस्त कर दिया है।अदालत ने जमानत निरस्त करने के कई प्रमुख आधार अपने आदेश में अंकित किए हैं। क्या है पूरा मामला:बीते 15 जून की शाम को सैदपुर ब्लाक प्रमुख हीरा यादव ने सैदपुर कोतवाली में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि वह अपने कार्यालय में कार्य कर रहे थे। इस दौरान सर्वेश यादव एक फाइल लेकर उनकी ऑफिस में आया।ब्लाक प्रमुख ने पुलिस को बताया कि सर्वेश पिछले चार वर्षों से उनके यहां कार्य करता था, लेकिन कार्यशैली में गड़बड़ी देख उसे कार्यालय से हटा दिया गया था। उस दिन सर्वेश जो फाइल लेकर आया था वह औड़िहार गांव निवासी देवराज उर्फ ठाकुर सिंह से संबंधित थी। उसने उस फाइल को पास करने की बात कही तो ब्लाक प्रमुख ने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया।इसके बाद सर्वेश यादव ने देवराज सिंह को फोन कर दिया। कुछ ही देर बाद देवराज सिंह का फोन ब्लाक प्रमुख के मोबाइल पर आया और उन्होंने पांच लाख रुपये रंगदारी की डिमांड करने के साथ ही उन्हें मां-बहन की गालियां भी दीं।आरोप है कि इसके कुछ ही देर बाद देवराज सिंह अपने दर्जनों लोगों के साथ कार्यालय पर पहुंचे और ब्लाक प्रमुख पर हमला कर दिया। इस दौरान ब्लाक प्रमुख पर फायर भी झोंका गया, लेकिन संयोग से गोली मिस हो गई। हमलावरों ने ब्लाक प्रमुख को मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था।इस मामले में पुलिस ने सात नामजद व कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका:इस मामले में गंगा सागर, सर्वेश यादव, देवराज उर्फ ठाकुर सिंह, सोनू सिंह व गोविंदा उर्फ गोविंद जेल में निरुद्ध हैं। इन सभी लोगों ने अलग-अलग जमानत प्रार्थना पत्र कोर्ट में प्रस्तुत किया था।चूंकि सभी आरोपी एक ही घटना से जुड़े थे इसलिए जमानत याचिका पर एक साथ सुनवाई हुई। वादी व प्रतिवादी पक्ष के अधिवक्ताओं ने अपना-अपना पक्ष अदालत के समक्ष रखा।9 जुलाई को सुनवाई करने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए सभी पांचों आरोपियों की जमानत याचिका को खारिज (निरस्त) कर दिया।(सभार-डीएनए)








