ग़ाज़ीपुर

आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती में बड़ा फर्जीवाड़ा,12 का चयन होगा निरस्त, लेखपाल भी नपेंगे

गाजीपुर, 10 जुलाई 2026 – बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा की गई 1352 पदों पर आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई है। विभागीय जांच में खुलासा हुआ है कि 12 गांवों की महिलाओं ने कूटरचित तरीके से आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र बनवाकर आंगनबाड़ी सहायिका की नौकरी प्राप्त कर ली।अब विभाग इनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रहा है और चयन निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। क्या है पूरा मामला:भर्ती होने के बाद से ही विभाग में लगातार शिकायतें आ रही थीं। विभागीय जांच में ज्यादातर शिकायतें निराधार पाई गईं, लेकिन 12 शिकायतें तथ्यात्मक और सही पाई गईं।इन शिकायतों की जांच बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग और राजस्व विभाग की ओर से संयुक्त रूप से की गई। दोनों विभागों की जांच में पाया गया कि 12 ऐसे अभ्यर्थी हैं जिन्होंने कूटरचित आय, निवास व जाति प्रमाण पत्र बनवाकर आंगनबाड़ी सहायिका की नौकरी हासिल की है। चयन होगा निरस्त, लेखपालों पर होगी कार्रवाई:विभाग की ओर से ऐसी चयनित आंगनबाड़ी सहायिकाओं का चयन निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही इन 12 आंगनबाड़ी सहायिकाओं का चयन रद्द कर दिया जाएगा।आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती में आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र कूटरचित तरीके से बनवाने का मामला प्रकाश में आने के बाद अब संबंधित लेखपालों पर भी कार्रवाई तय मानी जा रही है।अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी शुरुआती दौर में है। जांच का दायरा जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा, वैसे-वैसे खेल करने वाले लेखपाल भी कार्रवाई की जद में आएंगे। राजस्व कर्मियों की मिलीभगत के बिना इस तरह का फर्जीवाड़ा संभव नहीं है।विभाग ने साफ किया है कि फर्जी तरीके से नौकरी पाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।