ग़ाज़ीपुर

दादी ही निकली मासूम की हत्यारोपी

भांवरकोल/गाजीपुर, 12‌ जुलाई 2026 – भांवरकोल थाना क्षेत्र के गोड़ी खास गांव में 4 वर्षीय मासूम सिद्धार्थ की दर्दनाक हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। जिस मासूम को परिवार चार दिनों तक जिंदा मिलने की आस में तलाशता रहा, उसी का क्षत-विक्षत शव घर से महज 40-45 मीटर दूर चरी के खेत में मिला।इस बहुचर्चित हत्याकांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए मासूम की दादी कबूतरी देवी (60 वर्ष) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है। गिरफ्तारी के बाद पूरे क्षेत्र में एक ही सवाल है – क्या कोई रिश्तों का भी इस तरह कत्ल कर सकता है? चार दिन तक तलाश, फिर खेत में मिला शव:घटना 6 जुलाई की है। गोड़ी खास निवासी जामवंत कुशवाहा उर्फ पिंटू का चार वर्षीय पुत्र सिद्धार्थ घर के बाहर खेलते-खेलते अचानक लापता हो गया। परिजनों ने पहले अपने स्तर पर रिश्तेदारों और आसपास के गांवों में तलाश की। सुराग न मिलने पर भांवरकोल थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई।मासूम की तलाश में पुलिस, ग्रामीण और परिजन लगातार चार दिनों तक जुटे रहे। हर किसी को उम्मीद थी कि सिद्धार्थ सकुशल लौट आएगा।लेकिन 9 जुलाई की सुबह घर से कुछ दूरी पर स्थित चरी के खेत से तेज दुर्गंध आने पर ग्रामीण पहुंचे। वहां सिद्धार्थ का क्षत-विक्षत और सड़ा-गला शव पड़ा था। यह दृश्य देखकर परिजनों की चीख-पुकार से पूरा गांव गूंज उठा। मां-बाप बेसुध हो गए और पूरे गांव में मातम पसर गया। दादी निकली हत्यारोपी:घटना की सूचना पर सीओ मुहम्मदाबाद, थानाध्यक्ष रोहित कुमार मिश्रा, फॉरेंसिक टीम और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर पुलिस ने जांच शुरू की।विवेचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच का रुख बदला। इसमें मासूम की दादी कबूतरी देवी पत्नी तारानाथ कुशवाहा का नाम सामने आया। पुलिस ने मुकदमे में धारा 103(1) एवं 238 बीएनएस की बढ़ोत्तरी करते हुए उन्हें नामजद किया।रविवार को थानाध्यक्ष रोहित कुमार मिश्रा के नेतृत्व में गठित टीम ने कबूतरी देवी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया।गिरफ्तारी अभियान में हेड कांस्टेबल सुभाष यादव, कांस्टेबल राहुल यादव, कांस्टेबल गौरव राय, महिला कांस्टेबल ज्योति पाण्डेय एवं महिला कांस्टेबल आराधना यादव शामिल रहीं। गांव में मातम:सिद्धार्थ की मौत ने सिर्फ गोड़ी खास ही नहीं, बल्कि पूरे भांवरकोल क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया है। गांव में अब भी मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि मासूम को न्याय मिलना चाहिए और इस जघन्य वारदात में शामिल दोषी को कठोरतम सजा मिलनी चाहिए।