पूर्वांचल

साइबर गैंग का बड़ा भंडाफोड़, महिला सरगना समेत 6 गिरफ्तार

वाराणसी। उत्तर प्रदेश में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन “Cy-Vazra” के तहत कमिश्नरेट वाराणसी पुलिस और साइबर क्राइम सेल की संयुक्त टीम ने एक बड़े साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है।कार्रवाई में महिला सरगना, बैंक किट की डिलीवरी कराने वाले पोस्टमैन समेत कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। ऐसे चलता था फर्जीवाड़े का खेल:पुलिस के अनुसार यह गिरोह जरूरतमंद लोगों को पैसों का लालच देकर उनके आधार कार्ड में कूटरचना यानी फर्जी पता बनवाता था। इसके बाद वाराणसी के विभिन्न बैंकों में उन्हीं लोगों के नाम से बैंक खाते खुलवाए जाते थे।खाता खुलने के बाद पासबुक, चेकबुक, डेबिट कार्ड और मोबाइल सिम को साइबर अपराधियों को बेच दिया जाता था। इन खातों का इस्तेमाल देशभर में ऑनलाइन ठगी के लिए किया जाता था। देशभर में 76 लाख से ज्यादा की ठगी:जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों से जुड़े बैंक खातों पर देश के विभिन्न राज्यों से 21 साइबर शिकायतें दर्ज हैं। इन मामलों में ₹76,44,476.97 की साइबर ठगी की पुष्टि हुई है।शिकायतें बिहार, कर्नाटक, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, असम और मणिपुर समेत कई राज्यों से दर्ज हैं। क्या क्या हुआ बरामद:पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से निम्न सामान बरामद किया: 11 पासबुक,  7 चेकबुक,  3 डेबिट कार्ड,  6 एंड्रॉयड मोबाइल फोन,  3 फर्जी आधार कार्ड,  2 पैन कार्ड । पोस्टमैन की मदद से होती थी डिलीवरी:गिरोह की सबसे बड़ी चाल यह थी कि बैंक किट डाक से पहुंचने से पहले ही पोस्टमैन के जरिए उसे बीच में ही हासिल कर लिया जाता था। इसके बाद मोबाइल सिम के साथ कोरियर के जरिए देशभर में सक्रिय साइबर ठगों तक पहुंचा दिया जाता था। सिगरा थाने में दर्ज हुआ मुकदमा:पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ थाना सिगरा में BNS की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और साइबर ठगी के बड़े रैकेट की भी तलाश कर रही हैं।