गाजीपुर पुलिस से निराशा पीड़िता पहुंची डीआईजी दरबार, जाने क्या है पूरा मामला

कठवामोड़, गाजीपुर। स्थानीय नोनहरा थाना क्षेत्र की एक पीड़ित महिला अपने परिवार के साथ न्याय की गुहार लेकर वाराणसी पहुंची और पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) तथा अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) वाराणसी को विस्तृत प्रार्थना पत्र सौंपकर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए तत्काल प्रभाव से कठोर धाराएं जोड़ने और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की है।पीड़िता की मां पूनम देवी, निवासी बौरी थाना नोनहरा ने आरोप लगाया है कि उनकी 15 वर्षीय नाबालिग बेटी संध्या कन्नौजिया का 1 नवंबर 2025 को मुकेश सिंह उर्फ छोटू (पुत्र स्व. कप्तान सिंह) द्वारा असलहे सटाकर और हत्या करने की धमकी देकर घर से अपहरण कर लिया गया। प्रार्थना पत्र के अनुसार आरोपी नाबालिग को जबरन जयपुर ले गया, जहां उसे एक कमरे में बंधक बनाकर लगभग पांच महीने तक कैद में रखा गया। परिजनों का आरोप है कि इस दौरान पीड़िता के साथ लगातार शारीरिक और मानसिक शोषण किया गया, नशीली दवाएं पिलाकर बार-बार दुष्कर्म करने, मारपीट करने तथा जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पीड़िता को मानसिक रूप से तोड़ने के लिए उसे धमकाया जाता था और उसे किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी जाती थी।
परिजनों का कहना है कि आरोपी उसे हाथ-पैर बांधकर रखता था और लगातार “चमार, धोबी, दुषाध, नीच जाति” जैसे जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर मानसिक प्रताड़ना देता था। साथ ही पीड़िता को जयपुर में कहीं बेचने और जबरन वेश्यावृत्ति में धकेलने की धमकी भी दी जाती थी, जिससे वह लगातार भय और दहशत में रही।
पीड़ित पक्ष के अनुसार 9 अप्रैल 2026 को आरोपी पीड़िता को गाजीपुर रेलवे स्टेशन पर छोड़कर फरार हो गया, जिसके बाद पीड़िता किसी तरह घर पहुंची और पूरे घटनाक्रम की जानकारी परिवार को दी। पुलिस कार्यवाही पर गंभीर आरोप:पीड़िता की मां ने आरोप लगाया है कि घटना की शिकायत नोनहरा थाने में देने के बावजूद पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और कथित रूप से उनकी शिकायत को बदलकर अलग प्रार्थना पत्र के आधार पर कमजोर धाराओं में मुकदमा संख्या 112/2026 दर्ज किया गया। परिजनों का कहना है कि डेढ़ महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद मामले में POCSO एक्ट, दुष्कर्म और एससी/एसटी एक्ट जैसी गंभीर धाराएं नहीं जोड़ी गई हैं और न ही आरोपी की गिरफ्तारी की गई है। आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और दे रहे धमकी:परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी मुकेश सिंह उर्फ छोटू गांव में खुलेआम घूम रहा है और परिवार को लगातार जान से मारने तथा दोबारा अपहरण कर बेचने की धमकियां दे रहा है। 24 मई 2026 को मोबाइल पर धमकी देने का आरोप लगाते हुए परिजनों ने कहा कि आरोपी ने जातिसूचक गालियों का प्रयोग करते हुए यह भी कहा कि “हम सत्ता से जुड़े हैं, थाना हमारे पक्ष में है, मुकदमा वापस नहीं लिया तो तुम्हें दूसरे प्रदेश में बेच देंगे।” पीड़िता की मां ने बताया कि वे अनुसूचित जाति की गरीब मजदूर परिवार से हैं और लगातार न्याय की उम्मीद में अधिकारियों के चक्कर लगा रही हैं। उन्होंने डीआईजी और एडीजी से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर पीड़िता का बयान दर्ज कराने, गंभीर धाराएं जोड़ने, आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने तथा परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। पीड़िता के मिलने की पुष्टि करते हुए डीआईजी ने कहा कि पीड़िता मिली थी और उसने तहरीर दिया है उसके मामले की जांच होगी और विधिसम्मत न्यायपूर्ण कार्यवाही होगी।








