पूर्वांचल

SIT को चंपतराय बंसल का दिया गया विस्फोटक बयान

अयोध्या 6 जुलाई2026- श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने SIT के समक्ष बयान दर्ज कराते हुए दिनांक 6 फरवरी 2025 के “गणना प्रक्रिया के लिए संयुक्त रूप से निर्धारित दिशा-निर्देश” नामक पत्र को पूर्णतः अस्वीकार किया है। SIT को दिए बयान में चंपत राय ने कहा कि उक्त पत्र पर न्यासी डॉ. अनिल मिश्र एवं स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, अयोध्या शाखा के मुख्य प्रबंधक गोविंद मिश्र के हस्ताक्षर हैं, तथा इसकी प्रतिलिपि महासचिव को भेजे जाने का उल्लेख है। लेकिन उन्हें इस दिशा-निर्देश पत्र की जानकारी 13 जून 2026 को अपने एकाउंट ऑफिस से प्राप्त हुई।बयान की मुख्य बातें –1-हस्ताक्षर नहीं – चंपत राय ने कहा कि उक्त पत्र पर उनके हस्ताक्षर नहीं हैं। जबकि अगस्त 2020 से जून 2026 तक हुए सभी अनुबंधों पर केवल उनके और संबंधित पक्ष के प्रमुख अधिकारी के हस्ताक्षर हैं। यदि वह अयोध्या में नहीं थे तो प्रतीक्षा की जानी चाहिए थी। 2-MOU का हवाला – बैंक के साथ 9 फरवरी 2024 को हुए MOU के प्रत्येक पृष्ठ पर उनके हस्ताक्षर हैं। MOU के अनुसार गणना कक्ष में CCTV कैमरे और लोहे के सलाखों वाला दरवाजा लगाया गया था। 3-सुरक्षा मानकों में लापरवाही का आरोप – उन्होंने आरोप लगाया कि कुर्सी-मेज पर बैठकर गणना का परामर्श बैंक का था जो चोरी में सहायक बना। दुर्घटना सामने आने पर मेज हटाकर जमीन पर बैठकर गणना शुरू की गई। चंपत राय ने कहा कि देश के सभी बैंकों में चेस्ट रूम के कठोर नियम होते हैं – अंदर-बाहर विशेष तलाशी, बिना जेब के कपड़े आदि। लेकिन बैंक ने इन नियमों का पालन नहीं कराया। सबसे पहले बैंक ने जो कपड़े दिए उनमें भी जेब थी। 4-स्टाफ चयन पर सवाल – गणना के लिए बैंक द्वारा चयनित युवकों को housekeeping staff के रूप में रखा गया। चंपत राय ने कहा कि यह उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि यह दिशा-निर्देश पत्र जल्दबाजी में लिखा गया और लिखी गई बातों का भी तनिक भी पालन बैंक द्वारा नहीं कराया गया। उनका मानना है कि बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों को शायद इस पत्र की कोई जानकारी नहीं थी, अन्यथा किसी स्तर पर भूल पकड़ में आ जाती।निवेदक:चंपत राय,महासचिव, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र,दिनांक: 06 जुलाई 2026