मुहम्मदाबाद तहसीलदार के खिलाफ अधिवक्ताओं भयंकर आक्रोश, कार्य बहिष्कार शुरू

मुहम्मदाबाद/गाजीपुर, 10 जुलाई 2026 – मुहम्मदाबाद तहसील में कथित भ्रष्टाचार, नामांतरण (खारिज-दाखिल) मामलों में अनियमितता तथा राजस्व अभिलेखों से कथित छेड़छाड़ के आरोपों को लेकर सेंट्रल बार एसोसिएशन ने तहसीलदार महेंद्र बहादुर के खिलाफ आंदोलन तेज कर दिया है। न्यायिक कार्य का अनिश्चितकालीन बहिष्कार:शुक्रवार को आयोजित बैठक में अधिवक्ताओं ने सर्वसम्मति से तहसीलदार न्यायालय के न्यायिक कार्य का अनिश्चितकालीन बहिष्कार करने का निर्णय लिया। साथ ही आंदोलन को व्यापक बनाने के लिए जिले और अन्य तहसीलों के अधिवक्ताओं से समर्थन जुटाने का भी फैसला किया गया।बैठक में अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि तहसीलदार के स्थानांतरण, कथित आय से अधिक संपत्ति की जांच तथा राजस्व अभिलेखों में कथित हेरफेर के मामले में एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर 3 जुलाई को तहसील परिसर में प्रदर्शन किया गया था। जांच के नाम पर पूरे प्रकरण को दबाने का प्रयास किया जा रहा है: इस दौरान उपजिलाधिकारी डॉ. हर्षिता तिवारी को विस्तृत शिकायत और संबंधित दस्तावेज भी सौंपे गए थे, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अधिवक्ताओं का आरोप है कि जांच के नाम पर पूरे प्रकरण को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। गंभीर आरोप लगाए:अधिवक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि तहसीलदार अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर आदेश पारित कर रहे हैं। शिकायतों में पंजीकृत वसीयतनामों की अनदेखी, उत्तराधिकार के स्थापित नियमों के विपरीत नामांतरण तथा एकपक्षीय मामलों में दोनों पक्षों की उपस्थिति दर्शाकर आदेश पारित करने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।बार एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होती, तब तक तहसीलदार न्यायालय के न्यायिक कार्य का बहिष्कार जारी रहेगा। साथ ही आंदोलन को और तेज करने के लिए जिले एवं अन्य तहसीलों के अधिवक्ताओं से संपर्क अभियान भी चलाया जाएगा।








