फर्जी आधार कार्ड -पैन से जमीन का बैनामा,8.45 लाख ठगने वाला मनीष मिश्रा गिरफ्तार

धानापुर, चंदौली, 16 जून 2026 – जमीन दिलाने के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर 8 लाख 45 हजार रुपये की ठगी करने वाले शातिर ठग को धानापुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी मनीष मिश्रा ने फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड बनवाकर दूसरे व्यक्ति को असली जमीन मालिक बताकर सकलडीहा तहसील में रजिस्ट्री करा दी थी। पड़ोसी बनकर दिया झांसा:मामला थाना धानापुर के ग्राम पुरा चेता दूबे का है। पीड़िता लक्ष्मीना देवी पत्नी मुकेश खरवार के पास आवासीय भूमि नहीं थी। पड़ोसी गांव पुरा सीता मिश्र निवासी मनीष मिश्रा पुत्र स्व. राम आधार मिश्रा ने उन्हें झांसा दिया कि घर के पास दो बिस्वा जमीन बिक रही है। मनीष ने कहा कि जमीन मालिक अरशद पुत्र शम्सुद्दीन से उसकी बात हुई है और वह 8.45 लाख में जमीन बेचने को तैयार है। नकद और गूगल पे से लिए 8.45 लाख:लक्ष्मीना देवी ने बताया कि मनीष ने 7.50 लाख रुपये नगद ले लिए। बाकी 95 हजार रुपये 5 मार्च 2026 को 50 हजार और 6 मार्च 2026 को 45 हजार गूगल पे से उनके देवर राहुल कुमार के खाते से मनीष के मोबाइल पर ट्रांसफर कराए गए। रजिस्ट्री के दिन मनीष के कहने पर लक्ष्मीना अपने बेटे शुभम और गवाह अरविंद यादव को लेकर सकलडीहा तहसील गईं। वहां 1-1 बिस्वा जमीन लक्ष्मीना और उनके देवर राहुल के नाम बैनामा हो गया। फर्जी आदमी को खड़ा कर कराई रजिस्ट्री :बाद में पता चला कि जमीन के असली मालिक अरशद पुत्र शम्सुद्दीन गांव में कभी आए ही नहीं। मनीष मिश्रा ने फर्जी आधार और पैन कार्ड पर दूसरे व्यक्ति की फोटो लगाकर उसे अरशद बनाकर तहसील में खड़ा कर दिया और रजिस्ट्री करा दी। असली मालिक को इसकी भनक तक नहीं लगी। पूरा 8.45 लाख रुपया मनीष ने रख लिया।पीड़िता की तहरीर पर थाना धानापुर में मु0अ0सं0 63/2026 धारा 318(4), 338, 336, 340(2), 319(1) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक त्रिवेणी लाल सेन के नेतृत्व में टीम गठित हुई। 16 जून 2026 को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने आरोपी मनीष मिश्रा पुत्र स्व. रामआधार मिश्रा निवासी पुरा सीता मिश्र को नरौली मोड़, कस्बा धानापुर से गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक त्रिवेणीलाल सेन, उ0नि0 संजय ओझा, हे0का0 राजेश यादव और का0 सुमित सिंह शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाया जा रहा है कि उसने पहले भी इस तरह की ठगी की है या नहीं। फर्जी दस्तावेज बनाने वाले गिरोह की भी जांच हो रही है। अभियुक्त के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है।








