ओमप्रकाश राजभर जी पत्रकारों से कहिन

सैदपुर, गाजीपुर, 21 जून 2026 – सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने दावा किया है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी 27 सीट भी नहीं जीत पाएगी। रविवार को वह औड़िहार में पूर्व ब्लॉक प्रमुख रमाशंकर सिंह काटू की पत्नी श्लोका देवी के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे थे। सपा पर जमकर बरसे राजभर:पत्रकारों से बातचीत में राजभर ने सपा और उसके शीर्ष नेतृत्व पर निशाना साधा। उन्होंने आजमगढ़ के सांसद धर्मेंद्र यादव को चुनौती देते हुए कहा कि यदि हिम्मत है तो घोषणा करें कि अगला मुख्यमंत्री मुस्लिम समाज से होगा। राजभर ने कहा कि प्रदेश में यादव समाज की आबादी करीब सात प्रतिशत है, जबकि मुस्लिम आबादी लगभग 20 प्रतिशत है। मुसलमानों ने कई बार सपा को सत्ता तक पहुंचाया, लेकिन पार्टी ने कभी उन्हें मुख्यमंत्री बनाने की बात नहीं की। चुनाव आते ही बढ़ जाती है सक्रियता:उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही सपा नेताओं की सक्रियता बढ़ जाती है। विधायक, सांसद, एमएलसी और राज्यसभा सदस्य अब क्षेत्र में लगातार दौरे कर रहे हैं। राजभर ने दावा किया कि आजमगढ़ में उनकी राजनीतिक रणनीति का असर साफ दिख रहा है। अब्बास अंसारी पर बोले: विधायक अब्बास अंसारी के संबंध में पूछे गए सवाल पर राजभर ने कहा कि वह शुरू से ही सपाई रहे हैं। आरोप लगाया कि पिछले विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव ने उन्हें आवंटित 16 सीटों में से 12 पर अपने प्रत्याशी उतारकर धोखा किया था, जिनमें अब्बास अंसारी की सीट भी शामिल थी।राम मंदिर में कथित चोरी के मामले में राहुल गांधी के बयान पर राजभर ने कहा कि वह बिना तथ्यों के आरोप लगाते हैं। उन्होंने कहा कि राम मंदिर का संचालन ट्रस्ट करता है, न कि भाजपा, आरएसएस या विश्व हिंदू परिषद। चुनाव आयोग पर कांग्रेस के आरोपों पर कहा कि यदि चुनाव आयोग गलत है तो राहुल गांधी और उनकी बहन को पहले अपने पदों से इस्तीफा देना चाहिए, क्योंकि वे भी इसी आयोग के चुनाव में जीते हैं।संजय सिंह पर तंज:आप सांसद संजय सिंह के बयान पर तंज कसते हुए राजभर ने कहा कि जिनकी पार्टी के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री जेल जा चुके हों, उन्हें दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। सपा सांसदों पर कसा तंज:सपा के 26 सांसदों के भाजपा के संपर्क में होने की चर्चा पर कहा कि घोटालों में कार्रवाई की आशंका से कुछ नेताओं ने बचाव के प्रयास शुरू कर दिए हैं। खनन घोटाले और गोमती रिवर फ्रंट का जिक्र करते हुए कहा कि कई बड़े नेता सवालों के घेरे में हैं। साथ ही कहा कि अखिलेश यादव खुद कह चुके हैं कि जो सांसद मजबूत रहेंगे वे पार्टी में रहेंगे और जो कमजोर होंगे वे दूसरी राह चुन सकते हैं।








