ऊर्जा मंत्री के पत्र UPPCL में मची खलबली

लखनऊ, 11 जून 2026 – उत्तर प्रदेश की बिजली व्यवस्था को लेकर सरकार के भीतर बड़ा टकराव सामने आया है। ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने यूपी पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के चेयरमैन आशीष गोयल की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। बिना बताए बढ़ा दिया सरचार्ज: ऊर्जा मंत्री ने चेयरमैन को लिखे पत्र में आरोप लगाया कि उन्होंने बिना मंत्री को विश्वास में लिए बिजली उपभोक्ताओं पर फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट (FPPA) सरचार्ज में 10 प्रतिशत की वृद्धि लागू कर दी। मंत्री का कहना है कि इस महत्वपूर्ण निर्णय की जानकारी उन्हें मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया के माध्यम से मिली, जिससे सरकार के खिलाफ नकारात्मक माहौल बना। संकट में मुख्यालय से गायब रहने का आरोप : मंत्री ने मई के अंतिम सप्ताह में आए आंधी-तूफान के दौरान बिजली व्यवस्था चरमराने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि संकट की घड़ी में जब समीक्षा बैठक बुलाई गई तो चेयरमैन मुख्यालय से बाहर थे, जिसके कारण बैठक ऑनलाइन आयोजित करनी पड़ी। उन्होंने इसे जनहित के विपरीत और गैर-जिम्मेदाराना आचरण बताया। कुशल लाइनमैनो को हटाने पर नाराजगी:ऊर्जा मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि अनुभवी और प्रशिक्षित लाइनमैनों को हटाकर अकुशल कर्मियों को रखा जा रहा है, जिससे बिजली व्यवस्था प्रभावित हो रही है। सहारनपुर समेत विभिन्न जिलों का उदाहरण देते हुए कहा कि इस प्रकार के फैसले तकनीकी और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर नुकसान पहुंचा रहे हैं। चेयरमैन को दिया पांच सख्त निर्देश: ऊर्जा मंत्री ने पत्र में चेयरमैन को तत्काल सुधार के लिए 5 निर्देश दिए: 1-शासन की मंशा के विपरीत कार्यशैली तत्काल बंद की जाए। 2- सरकार की छवि खराब करने वाले कर्मियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो। 3- ट्रांसफर सीजन में विवादित कर्मियों का उचित स्थानांतरण किया जाए। 4- मुख्यालय छोड़ने से पहले ऊर्जा मंत्री को सूचित किया जाए। 5- बिजली से जुड़े बड़े फैसले लेने से पहले मंत्री को अवगत कराया जाए। सियासी -प्रशासनिक गलियारों में हलचल:इस पत्र के सामने आने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और जवाबदेही को लेकर सरकार अब और सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है। उपभोक्ताओं पर बढ़े बोझ और बिजली संकट के बीच मंत्री और चेयरमैन के बीच का यह टकराव चर्चा का विषय बना हुआ है।








