VIP प्रमुख मुकेश साहनी को जिला की सीमा पर प्रशासन ने रोका, कार्यकर्ताओं में रोश

गाजीपुर, 11 जून 2026 – विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश सहनी को गुरुवार को गाजीपुर जिला प्रशासन ने जनपद की सीमा पर ही रोक दिया। वे कमलेश बिंद प्रकरण में पीड़ित परिवार से मिलने और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपने के लिए गाजीपुर पहुंचे थे। इस कार्रवाई के बाद पार्टी ने प्रशासन पर लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का आरोप लगाया है। दो पहर में सीमा पर रोका गया:पार्टी सूत्रों के अनुसार, मुकेश सहनी के कार्यक्रम की सूचना पूर्व में ही जिला प्रशासन को दे दी गई थी और अधिकारियों से मुलाकात का समय भी तय था। इसके बावजूद जब वह दोपहर करीब साढ़े 12 बजे गाजीपुर की सीमा पर पहुंचे तो भारी पुलिस बल ने उन्हें पीड़ित परिवार के गांव जाने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद उन्हें जमानिया स्थित डाक बंगले ले जाया गया। समर्थको की भीड़, पुलिस से नोंक-झोंक:घटना की जानकारी मिलते ही वीआईपी कार्यकर्ता और समर्थक बड़ी संख्या में जमानिया पहुंचने लगे। समर्थकों की बढ़ती भीड़ के बीच पुलिस प्रशासन और पार्टी नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।पार्टी नेताओं का कहना है कि किसी राष्ट्रीय दल के अध्यक्ष को पीड़ित परिवार से मिलने से रोकना लोकतांत्रिक व्यवस्था के विपरीत है। वीआईपी नेताओं ने कहा कि यदि कानून-व्यवस्था को लेकर कोई आशंका थी तो प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था के बीच मुलाकात करा सकता था, लेकिन इसके बजाय उन्हें रोकने का निर्णय लिया गया। ज्ञापन में भी बाधा का आरोप: पार्टी ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने ज्ञापन सौंपने की प्रक्रिया में भी अनावश्यक बाधा उत्पन्न की। बताया जाता है कि जमानिया डाक बंगले पर समर्थकों की संख्या लगातार बढ़ने के बाद प्रशासन ने मुकेश सहनी से वहां से आगे बढ़ने का अनुरोध किया, जिसके बाद वह वाराणसी के लिए रवाना हो गए। निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई: वीआईपी ने बयान जारी कर कमलेश बिंद प्रकरण की निष्पक्ष जांच, पीड़ित परिवार को न्याय और पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने की मांग दोहराई। पार्टी ने कहा कि बिंद, मल्लाह, निषाद, केवट, कश्यप सहित जलजीवी समुदायों के अधिकारों और सम्मान की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।








