दो उपनिरीक्षक निलंबित, लेकिन क्यों ?

गाजीपुर, 06 जुलाई 2026 – बेसिक शिक्षा विभाग की टेंडर प्रक्रिया से जुड़े कथित फर्जीवाड़े की विवेचना में लापरवाही बरतने के आरोप में सदर कोतवाली के दो उपनिरीक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। वाराणसी परिक्षेत्र के डीआईजी ने मामले की समीक्षा के बाद यह कार्रवाई की।25 फरवरी 2025 को खंड विकास अधिकारी (नगर) की तहरीर पर जिलाधिकारी के निर्देश के बाद सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप था कि बेसिक शिक्षा विभाग की टेंडर प्रक्रिया में शामिल सात फर्मों ने फर्जी बैंक डिमांड ड्राफ्ट, फर्जी कस्टमर आईडी, फर्जी बैंक खाते, एफडीआर समेत अन्य कूटरचित दस्तावेज लगाकर निविदा में भाग लिया था।मामले की विवेचना सदर कोतवाली में तैनात उपनिरीक्षक रोहित कुमार और उपनिरीक्षक जितेंद्र उपाध्याय को सौंपी गई थी।आरोप है कि दोनों विवेचकों ने पर्याप्त तथ्यों की जांच किए बिना सभी सातों फर्मों को क्लीन चिट देते हुए अंतिम रिपोर्ट लगाकर विवेचना समाप्त कर दी।बाद में जब मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आया तो डीआईजी वाराणसी वैभव कृष्ण ने की गई विवेचना की बारीकी से समीक्षा कराई।समीक्षा में जांच के दौरान महत्वपूर्ण तथ्यों की अनदेखी, पर्याप्त साक्ष्यों का समुचित परीक्षण न किए जाने तथा जल्दबाजी में अंतिम रिपोर्ट लगाने की पुष्टि हुई। प्रथमदृष्टया दोषी मानते हुए डीआईजी वाराणसी ने दोनों उपनिरीक्षकों रोहित कुमार और जितेंद्र उपाध्याय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप की स्थिति है।








