जिला गंगा समिति की बैठक बड़े – बड़े वादों और योजनाओं के साथ सम्पन्न

गाजीपुर, 10 जून 2026 – जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में सोमवार सायं कलेक्ट्रेट सभागार में जिला गंगा समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में गंगा प्रदूषण रोकने के लिए सीवरेज नेटवर्क विस्तार, नाला टैपिंग और एसटीपी निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। डीएम ने सभी संबंधित विभागों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। नगरपालिका गाजीपुर में सीवरेज की स्थिति: अधिशासी अभियंता, निर्माण खण्ड, उ0प्र0 जल निगम (नगरीय) ने बताया कि अमृत कार्यक्रम के तहत गाजीपुर सीवरेज योजना फेज-1 व फेज-2 में कुल 105.67 किमी सीवर नेटवर्क, 10,108 सीवर गृह संयोजन व 2 आईपीएस का निर्माण पूरा हो चुका है। यह योजना उ0प्र0 जल निगम (ग्रामीण) को हस्तांतरित की जानी है। डीएम ने जल्द कार्यवाही के निर्देश दिए।उन्होंने बताया कि नगर पालिका में 215 किमी सीवर की आवश्यकता के सापेक्ष अभी केवल 105.67 किमी नेटवर्क बिछा है। कुल 23,000 घरों में से सिर्फ 10,108 घर ही सीवर से जुड़े हैं। शहर को सीवरेज से संतृप्त करने के लिए अमृत 2.0 पोर्टल पर 286.64 करोड़ की सीडब्ल्यूएपी स्वीकृति हेतु भेजी गई है। शासन से स्वीकृति के बाद डीपीआर तैयार की जाएगी। 23 नाले गिर रहे हैं गंगा में, टैपिंग जरूरी: बैठक में बताया गया कि गाजीपुर नगर पालिका क्षेत्र में कुल 23 नाले बहते हैं जिनका डिस्चार्ज 26.84 एमएलडी है। इन नालों का प्रवाह गंगा में जाने से रोकने के लिए नाला टैपिंग अनिवार्य है। डीएम ने निर्देश दिए कि साई मंदिर घाट से चीतनाथ घाट के बीच गिर रहे 7 नालों की डीपीआर को लोक निर्माण विभाग से परीक्षण कराकर भूमि चिन्हित कर प्रस्ताव तैयार किया जाए। सैदपुर-जमानियां में भी बनेंगी एसटीपी: सैदपुर नगर पंचायत के 8 नालों की टैपिंग हेतु एसबीएम-2.0 के तहत 37.37 करोड़ का प्राक्कलन तैयार कर भेजा गया है। इसमें 6.50 एमएलडी एसटीपी, 3.28 किमी सीवर नेटवर्क प्रस्तावित है। इसी तरह जमानियां नगर पालिका के 3 नालों की टैपिंग हेतु 20.42 करोड़ का प्राक्कलन भेजा गया है, जिसमें 4.00 एमएलडी एसटीपी प्रस्तावित है। डीएम ने स्वीकृति के बाद तत्काल कार्य शुरू करने को कहा। नालों पर लगेगी जालियां, होगी बायोरेमेडिएशन: पर्यावरण विशेषज्ञ, राज्य स्वच्छ गंगा मिशन ने गंगा प्रदूषण की निगेटिव न्यूज पर तत्काल आख्या उपलब्ध कराने को कहा। डीएम ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नालों की जल गुणवत्ता जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। साथ ही सभी नगर पालिकाओं को नालों पर स्क्रीनिंग जाली, ग्रिट चेम्बर, कचरा अवरोधक लगाने, बायोरेमेडिएशन कराने और प्रचार बोर्ड लगाने को कहा। डीएम ने नाला टैपिंग व सीवरेज व्यवस्था पर पीपीटी तैयार करने के निर्देश भी दिए। बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी, एसडीएम सदर, सैदपुर, जमानियां, जल निगम, नगर पालिका ईओ और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी मौजूद रहे।








