पत्नी हंता पति को आजीवन कारावास व 70 हजार का अर्थदंड

वाराणसी, 09 जून 2026 – लोहता थाना क्षेत्र के भिटारी गांव में पत्नी की हत्या कर शव को घर के आंगन में दफनाने के सनसनीखेज मामले में अदालत ने आरोपी पति राजेंद्र प्रसाद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने मामले को जघन्य मानते हुए हत्या के साथ साक्ष्य छिपाने के आरोप में भी दोषी को 3 महीने की अतिरिक्त सजा और कुल 70,000 रुपये का आर्थिक जुर्माना लगाया है। घ्टना 28 दिसंबर 2020 की है:यह घटना 28 दिसंबर 2020 की है। मृतका आशा देवी के बेटे रामविलास ने अपने पिता राजेंद्र प्रसाद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। शिकायत के अनुसार घटना वाले दिन रामविलास और उसका छोटा भाई किसी काम से घर से बाहर गए थे। दोपहर में जब अमर घर लौटा और मां के बारे में पिता से पूछा तो पिता ने बताया कि वह सुंदर की दुकान गई है और जल्द लौट आएगी। शाम को रामविलास ने भी यही सवाल किया तो उसे भी वही जवाब मिला। खून के छीटों से हुआ शक,खुदाई में मिला शव: रामविलास के मुताबिक कुछ देर बाद उसने देखा कि उसके पिता घर के आंगन में एक जगह मिट्टी समतल कर रहे थे। पूछने पर उन्होंने कहा कि धूप सेंकने के लिए जगह तैयार कर रहा हूं। इसी दौरान जब रामविलास कमरे के अंदर गया तो वहां खून के छींटे दिखाई दिए। शक होने पर दोनों भाइयों ने आंगन में उस जगह की खुदाई शुरू की जहां की मिट्टी ताजा और नम थी। करीब 4 फीट नीचे उन्हें अपनी मां का रक्तरंजित शव मिला जिस पर नमक भी डाला गया था। शव मिलते ही आरोपी राजेंद्र प्रसाद मौके से फरार हो गया। पोस्टमार्टम में 12 गंभीर चोटों के निशान मिले: सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घटना के तीन दिन बाद फरार आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार आशा देवी के सिर और चेहरे पर 12 गंभीर चोटों के निशान मिले। जांच में सामने आया कि लकड़ी और धारदार हथियार से हमला कर उनकी हत्या की गई थी। संपत्ति अपने नाम कराने का बना रहा था दबाव: जांच के दौरान यह भी सामने आया कि राजेंद्र प्रसाद अपनी पत्नी पर संपत्ति अपने नाम करने का दबाव बना रहा था। आशा देवी के इनकार करने पर आरोपी ने उनकी हत्या कर दी और शव को आंगन में दफना दिया। पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयान को आधार मानते हुए अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया और 9 जून 2026 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।







