ग़ाज़ीपुर

भोर में किया फायरिंग, मुख़्तार अंसारी के करीब अमित राय पर आरोप

गाजीपुर, 02 जुलाई 2026 – शहर की अष्टभुजी कॉलोनी में बुधवार भोर करीब पौने चार बजे हुई कथित फायरिंग की घटना ने जिले में अपराध और पुराने गैंगस्टर नेटवर्क की चर्चाओं को फिर हवा दे दी है। इस मामले में एफआईआर में नामजद आरोपी अमित राय की पहचान कभी माफिया मुख्तार अंसारी के करीबी और शूटर के रूप में रही है। गेट खटखटाकर बुलाया, फिर चलाया गोली: पीड़ित  पीड़ित प्रवीण उपाध्याय की तहरीर के मुताबिक, अमित राय अपने साथी आयुष राय के साथ बाइक से उनके घर पहुंचा। गेट खटखटाकर बाहर बुलाया और दूसरी मंजिल पर दिखने पर गालियां देते हुए फायरिंग कर दी। आरोप है कि अमित ने प्रवीण पर अपने पिता की हत्या का मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया और जान से मारने की धमकी भी दी। शिकायत के अनुसार, प्रवीण के हट जाने से गोली उन्हें नहीं लगी। आरोपी जाते समय मकान की ओर दो और गोलियां दागकर फरार हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके से कारतूस के खोखे बरामद किए हैं। 2016 की हत्या से जुड़ा है विवाद:दरअसल यह पूरा विवाद वर्ष 2016 में हुई प्रवीण उपाध्याय के पिता बरमेश्वर उपाध्याय की हत्या से जुड़ा बताया जा रहा है। उसी घटना के बाद प्रवीण अपना पैतृक गांव रेणमार, थाना भांवरकोल छोड़कर शहर की अष्टभुजी कॉलोनी में मकान बनवाकर परिवार के साथ रहने लगे थे। अब उसी मुकदमे को लेकर दोबारा धमकी और फायरिंग के आरोप ने पुराने विवाद को फिर सुर्खियों में ला दिया है। आरोपी पक्ष का दूसरा दावा:साथी आयुष लापता:इस मामले में दूसरा पक्ष भी सामने आया है। एफआईआर में नामजद आयुष राय के परिजनों का दावा है कि अपने ही गांव जोगा-मुसाहिब के अमित राय के साथ बगल के गांव देवरिया में दावत से लौटते समय अज्ञात लोग आयुष को उठा ले गए। तभी से उसका मोबाइल भी बंद है। परिजनों ने करीमुद्दीनपुर थाने में तहरीर देकर उसकी तलाश की मांग की है। फिलहाल पुलिस ने इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अमित राय का आपराधिक इतिहास:अमित राय का नाम पहले भी कई आपराधिक मामलों में सामने आता रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार इस पर लगभग 18 एफआईआर दर्ज हैं।उसकी तस्वीरें कभी मुख्तार अंसारी के साथ सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनती थीं। एक समय तत्कालीन भाजपा विधायक अलका राय ने पुलिस चौकी अटवा मोड़ पर अमित राय को पुलिसकर्मियों के साथ देखकर विरोध जताते हुए धरना तक दिया था। उस घटना ने काफी राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल पैदा की थी।फिलहाल पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दोनों पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। यह मामला सिर्फ फायरिंग की घटना नहीं, बल्कि गाजीपुर में पुराने आपराधिक नेटवर्क, पुरानी रंजिश और कानून-व्यवस्था से भी जुड़ा माना जा रहा है।नोट: खबर दर्ज एफआईआर और दोनों पक्षों के आरोपों/दावों पर आधारित है। पुलिस जांच जारी है।