ग़ाज़ीपुर

भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष सरोज कुशवाहा का व्हाट्सएप्प हैक कर, ठगों ने मांगा आर्थिक मदद

गाजीपुर: भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष सरोज कुशवाहा का व्हाट्सएप हैक।साइबर ठगों ने नाम और प्रोफाइल फोटो से नेताओं-कर्मियों से मांगे 30 हजार से 65 हजार तक।समय रहते सतर्कता से टली बड़ी ठगी, पीड़ितों ने रुपए भेजने से किया इंकार
सरोज कुशवाहा ने फेसबुक पोस्ट कर दी जानकारी, लोगों से पैसे न भेजने की अपील। ख़बर विस्तार से – गाजीपुर, 03 जुलाई 2026 – साइबर अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब वो बड़े नेताओं को भी निशाना बना रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष सरोज कुशवाहा का व्हाट्सएप अकाउंट शुक्रवार को साइबर अपराधियों ने हैक कर लिया।हैकर्स ने सरोज कुशवाहा के नाम और प्रोफाइल फोटो का इस्तेमाल करते हुए भाजपा से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं को मैसेज भेजने शुरू कर दिए। ठगों ने अलग-अलग लोगों से 30 हजार, 35 हजार और 65 हजार रुपये तक मांगे।संदेश मे लिखा गया था – ‘एक छोटी सी मदद कर दीजिए, मेरा यूपीआई काम नहीं कर रहा है, कृपया इस क्यूआर कोड पर रूपए भेज दीजिए।’सतर्कता से बची रकम:जब कई लोगों को कॉल नहीं लगी और ठगों ने ‘अभी बात नहीं कर सकती, आप पहले पैसे भेज दीजिए’ का जवाब दिया, तो संदेह और बढ़ गया। योगेश सिंह, अनूप जायसवाल, मनीष गुप्ता, प्रेमशीला सिंह, रामकुमार विश्वकर्मा, मयंक जायसवाल, आशुतोष राय, रणजीत कुमार समेत भाजपा के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को ऐसे संदेश मिले। सभी ने सतर्कता बरतते हुए रुपये भेजने से इंकार किया और इसकी सूचना तुरंत पार्टी पदाधिकारियों को दी। फेसबुक पर दी जानकारी:मामले की जानकारी मिलने पर सरोज कुशवाहा ने तत्काल अपने फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट साझा कर बताया कि उनका व्हाट्सएप अकाउंट हैक हो गया है। उन्होंने सभी लोगों से अपील की कि उनके नाम से यदि कोई रुपये मांगे तो किसी भी स्थिति में पैसे न भेजें और ऐसे संदेशों पर भरोसा न करें।भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष का व्हाट्सएप हैक होने की घटना के बाद जिले में साइबर अपराधियों के दुस्साहस को लेकर चर्चा तेज हो गई है। लोग हैरान हैं कि साइबर ठग अब आम लोगों के साथ-साथ पार्टी के बड़े पदाधिकारियों को भी निशाना बना रहे हैं।पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान नंबर या क्यूआर कोड पर रुपये न भेजें। संदिग्ध मैसेज मिलने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाने को सूचना दें।